एसआईआर सबसे महत्वपूर्ण पहल, मतदान केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाता नहींः ज्ञानेश कुमार

नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों की घोषणा कर दी है।
इन राज्यों के किसी भी मतदान केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुताबिक, भीड़ और अव्यवस्था को रोकने के लिए यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी मतदान केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाता न हों। चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के बूथ मतदान केंद्र से कम से कम 100 मीटर की दूरी पर स्थापित किए जा सकेंगे। मतदाता सूचना पर्ची पर मतदान केंद्र का स्पष्ट नाम, संख्या, भाग संख्या और मतदाता का क्रमांक भी अंकित होगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि पिछले 12 महीनों के दौरान चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और मतदाताओं के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से 13 से अधिक नई पहलें शुरू की गई हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण पहल मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण है, जो संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुरूप यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर शत-प्रतिशत वेब प्रसारण की व्यवस्था की जाएगी। प्रत्येक मतदान केंद्र के पीठासीन अधिकारी हर दो घंटे में डाले गए मतों की संख्या दर्ज करेंगे, जिससे मीडिया और जनता को प्राप्त होने वाला मतदान प्रतिशत लगभग सटीक रहेगा।
ये भी पढ़ें 'हर दिन 50 लाख एलपीजी सिलेंडर सप्लाई किए जा रहे हैं', सरकार ने पैनिक बुकिंग से बचने की दी सलाह मतदान समाप्त होने के बाद, अंतिम आंकड़ों के अनुसार मतदान प्रतिशत तुरंत प्रदर्शित किया जाएगा। एक नई व्यवस्था के तहत मतदान केंद्र के प्रवेश द्वार के बाहर मतदाता अपने मोबाइल फोन जमा कर सकेंगे। मतदान कर बाहर आने के बाद वे अपना मोबाइल वापस प्राप्त कर सकेंगे। इससे मतदान केंद्र के भीतर अनुशासन और गोपनीयता सुनिश्चित होगी। मतदाताओं की सुविधा के लिए इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों पर सभी उम्मीदवारों के रंगीन चित्र भी प्रदर्शित किए जाएंगे ताकि मतदाता आसानी से अपनी पसंद के उम्मीदवार की पहचान कर सकें। चुनाव आयोग ने एक और महत्वपूर्ण पहल के रूप में सभी डिजिटल सेवाओं को एक ही मोबाइल अनुप्रयोग में एकीकृत किया है, जिसे 'ईसीआई नेट' नाम दिया गया है। इस एकीकृत अनुप्रयोग में लगभग 40 विभिन्न सेवाएं शामिल हैं। इसके माध्यम से मतदाता अपने पहचान पत्र, मतदान केंद्र की जानकारी, उम्मीदवारों का विवरण, उम्मीदवारों के शपथपत्र, मतदान की प्रगति और मतगणना से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
ये भी पढ़ें क्या है अमेरिका का 'Operation Epic Fury'? 6,000 ठिकानों को निशाना बनाने के पीछे की पूरी कहानीआयोग ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों के बारे में जागरूकता और प्रशिक्षण के लिए देशभर में बड़े पैमाने पर अभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अभियान में 35 लाख से अधिक लोगों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक मतदाता मतदान प्रक्रिया को समझ सके और बिना किसी कठिनाई के अपना मत दे सके। मतदान केंद्रों पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र पर पेयजल, शौचालय, स्पष्ट संकेत पट्ट, रैंप, व्हीलचेयर, वॉलेंटियर्स, सहायता काउंटर, मतदाता सहायता केंद्र और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाएगी।
मतदान कक्ष के अंदर भी पर्याप्त रोशनी और बाहर छाया की व्यवस्था की जाएगी ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। चुनाव के लिए वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी। मतदान केंद्र भूतल पर बनाए जाएंगे, और वहां रैंप की सुविधा उपलब्ध होगी। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं को मतदान में प्राथमिकता दी जाएगी। उनके बैठने के लिए विशेष रूप से बेंच लगाए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर वे घर से मतदान करने के लिए भी आवेदन कर सकेंगे, तथा उनके लिए परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी। मतदाता पहचान और सुविधा के लिए सभी बूथस्तर अधिकारियों को पहचान पत्र भी प्रदान किए गए हैं, ताकि नागरिक उन्हें आसानी से पहचान सकें।
इसके साथ ही चुनावी कर्मचारियों के कठिन परिश्रम को देखते हुए उनके मानदेय में भी वृद्धि की गई है। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है कि डाक मतपत्रों की गणना इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों की गणना से दो चरण पहले की जाएगी। इसके अतिरिक्त चुनाव से संबंधित सभी सांख्यिकीय आंकड़े मतगणना समाप्त होने के 72 घंटे के भीतर उपलब्ध करा दिए जाएंगे। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि इन सभी व्यवस्थाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के प्रत्येक मतदाता को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित वातावरण में मतदान करने का अवसर मिले और लोकतंत्र का यह महोत्सव पूरी गरिमा और उत्साह के साथ संपन्न हो।
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