शामली: एससी-एसटी परिवारों के इलाज के लिए केंद्र सरकार ने बढ़ाई मदद, अब 5 लाख आय वाले भी होंगे पात्र
गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सहायता राशि और आय सीमा के दायरे में हुई बड़ी बढ़ोतरी
केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मिलने वाली आर्थिक मदद का दायरा बढ़ा दिया है। अब सालाना 5 लाख रुपये तक की आय वाले परिवार भी इस योजना के पात्र होंगे।
शामली: केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के परिवारों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने इन वर्गों के लोगों के लिए गंभीर बीमारियों के इलाज में मिलने वाली आर्थिक मदद का दायरा बढ़ा दिया है। शामली की जिला समाज कल्याण अधिकारी रीतू रस्तोगी ने इस बदलाव की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के इस फैसले से अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा गरीब परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सरकारी सहायता मिल सकेगी।
जिला समाज कल्याण अधिकारी रीतू रस्तोगी के अनुसार, अब सालाना पांच लाख रुपये तक की आय वाले अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के परिवार भी इस योजना के तहत मदद पाने के हकदार होंगे। इससे पहले तक यह मदद केवल तीन लाख रुपये तक की सालाना आय वाले परिवारों को ही दी जाती थी। आय सीमा के इस दायरे को बढ़ाए जाने से उन परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जो गंभीर बीमारी के इलाज का भारी खर्च उठाने में असमर्थ रहते हैं।
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इस योजना के तहत केवल आय सीमा ही नहीं बढ़ाई गई है, बल्कि अलग-अलग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दी जाने वाली सहायता राशि में भी बढ़ोतरी की गई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी रीतू रस्तोगी ने बताया कि हार्ट, ब्रेन और स्पाइन सर्जरी के साथ-साथ कैंसर जैसी घातक बीमारियों के इलाज के लिए अब पहले से ज्यादा आर्थिक मदद दी जाएगी। एससी और एसटी वर्ग के लोग पिछले कई सालों से इस बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे, जिसे अब सरकार ने पूरा कर दिया है।
जानिए किस बीमारी के इलाज के लिए मिलेगी कितनी अधिकतम राशि
सरकार द्वारा तय की गई नई दरों के अनुसार, अलग-अलग बीमारियों के इलाज के लिए अधिकतम सहायता राशि तय की गई है। हार्ट सर्जरी के इलाज के लिए अब अधिकतम 1.50 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इसके अलावा, किडनी की सर्जरी कराने या डाइलिसिस करवाने के लिए मरीजों को अधिकतम 3.50 लाख रुपये तक की मदद मिल सकेगी। कैंसर की सर्जरी या कीमोथेरेपी के लिए सरकार की तरफ से अधिकतम 2.50 लाख रुपये की सहायता राशि मंजूर की जाएगी।
ये भी पढ़ें शामली: विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर EVM-VVPAT की एफएलसी प्रक्रिया शुरू, नोडल अधिकारी ने किया निरीक्षणइसी तरह, ब्रेन सर्जरी कराने वाले मरीजों के लिए अधिकतम सहायता राशि 2.00 लाख रुपये तय की गई है। अगर किसी मरीज को किडनी या आर्गन ट्रांसप्लाट करवाना है, तो उसके लिए अधिकतम 3.50 लाख रुपये की मदद दी जाएगी। स्पाइन सर्जरी के इलाज के लिए सरकार की तरफ से अधिकतम 1.50 लाख रुपये की सहायता राशि मिलेगी। इन सभी बीमारियों के अलावा, अगर कोई अन्य गंभीर बीमारी है तो उसके इलाज के लिए भी अधिकतम 2.00 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
साल 2018 के बाद अब हुआ है यह बड़ा बदलाव
जिला समाज कल्याण अधिकारी रीतू रस्तोगी ने बताया कि यह पूरी योजना केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एंव अधिकारिता मंत्रालय के तहत काम करने वाले डा0आम्बेडकर फाउडेंशन द्वारा चलाई जाती है। डा0आम्बेडकर फाउडेंशन ही एससी और एसटी परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए यह मेडिकल सहायता राशि देता है। इस मेडिकल सहायता योजना में इससे पहले साल 2018 में बदलाव किया गया था, जिसके बाद अब जाकर यह नया संशोधन किया गया है। यह आर्थिक मदद सीधे उन एससी और एसटी परिवारों को दी जाती है जो गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं।
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