गाजियाबाद में सुरक्षित नहीं महिलाएं, देर रात कार चालक ने महिला के साथ की बदसलूकी, मुकदमा दर्ज
गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में महिला अपने पति के साथ भी रात को सुरक्षित नहीं है। मामला गाजियाबाद के सबसे पॉश इलाके राजनगर एक्सटेंशन सोसाइटी का है। जहां पति-पत्नी स्ट्रीट डॉग को खाना खिला रहे थे उसी दौरान एक कार सवार ने महिला को लिफ्ट का ऑफर किया। विरोध करने पर कार चालक कुत्ते […]
गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में महिला अपने पति के साथ भी रात को सुरक्षित नहीं है। मामला गाजियाबाद के सबसे पॉश इलाके राजनगर एक्सटेंशन सोसाइटी का है। जहां पति-पत्नी स्ट्रीट डॉग को खाना खिला रहे थे उसी दौरान एक कार सवार ने महिला को लिफ्ट का ऑफर किया। विरोध करने पर कार चालक कुत्ते को कुचलते हुआ भाग गया, शिकायत करने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
यह सीसीटीवी बेशक थोड़ी दूर का है। लेकिन गौर से देखेंगे तो एक कार रुकती हुई दिख रही है। कुछ स्ट्रीट डॉग्स भी वहां चहल कदमी करते हुए दिख रहे हैं। यह सारा मामला गाजियाबाद के पॉश कालोनी राजनगर एक्सटेंशन का है। यहां महिला के पति सौरव गुप्ता और उनकी पत्नी सोनिया 25 जनवरी की रात को करीब 12:00 बजे स्ट्रीट डॉग्स को खाना खिला रहे थे। पति और पत्नी थोड़ी दूरी पर थे। इसी समय आरोप है कि एक कार आकर महिला सोनिया के पास रुकी और कार सवार नशे में था उसने महिला के साथ बदसलूकी की इतना ही नहीं कार में बैठाने का आफर किया। जिससे महिला डर गई और उसने अपने पति को आवाज भी लगाई साथ ही जोर-जोर से चिल्लाने लगी। इस महिला के रिएक्शन से कार सवार घबरा गया और वह तेजी से कार चलाता हुआ निकल गया। इसी दौरान आरोप है कि स्ट्रीट डॉग कुचला गया।
एसीपी आलोक दुबे ने बताया कि इस पूरे मामले में पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बाइट आलोक दुबे एसीपी नंदगम गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट
लेकिन सवाल एक बार फिर यह उठता है कि क्या दिल्ली एनसीआर में रात में महिलाएं सुरक्षित नहीं है। सरकार और पुलिस के दावे क्या महिला सुरक्षा को लेकर फेल हो रहे हैं।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां