Mahashivratri पर गाजियाबाद के प्रसिद्ध भगवान दूधेश्वर नाथ मंदिर में लगा शिवभक्तों का तांता
गाजियाबाद। देश भर में आज शिवरात्रि का पर्व बड़े धूमधम से मनाया गया। बड़ी संख्या में शिव भक्तों ने शिवालयों में भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक किया। गाजियाबाद के प्रसिद्ध भगवान दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर में भी देर रात से ही भक्तों का तांता लगा रहा। हर कोई भक्त भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक करने के लिए […]
गाजियाबाद। देश भर में आज शिवरात्रि का पर्व बड़े धूमधम से मनाया गया। बड़ी संख्या में शिव भक्तों ने शिवालयों में भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक किया।
ये भी पढ़ें गाजियाबाद पुलिस की बड़ी उपलब्धि: डेढ़ करोड़ के 555 मोबाइल बरामद कर मालिकों को लौटाए, खिले चेहरेगाजियाबाद के प्रसिद्ध भगवान दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर में भी देर रात से ही भक्तों का तांता लगा रहा। हर कोई भक्त भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक करने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहा है रात से ही भक्तों की लंबी कतार लगी थी। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस के जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात रही। इतना ही नहीं शिवरात्रि के पर्व को ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद कमिश्नरेट यातायात पुलिस ने रूट डायवर्जन किया हुआ है।
ये भी पढ़ें गाजियाबाद: 14 मार्च को सजेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, आपसी सहमति से मुकदमों के बोझ से मिलेगी मुक्तिशिव भक्तों ने शुक्रवार को त्रयोदशी का जल चढ़ाया और देर रात 12:00 बजे से ही शिव चौदस का जल चढ़ना शुरू हो गया है और पूरा इलाका भगवान भोलेनाथ के जयकारों से गूंज रहा है सभी शिवभक्त बेहद उत्साहित नजर आ रहे हैं।
भगवान दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर में त्रयोदशी का जल शुक्रवार को चढ़ाया गया था और देर रात से ही चौदस का जल चढ़ना शुरू हो गया और भगवान दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर में बड़ी संख्या में शिवभक्त जलाभिषेक करने पहुंच रहे हैं।
यदि सुरक्षा की बात की जाए तो मंदिर परिसर में हर एंगल पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। जिनके माध्यम से हर किसी शख्स पर पैनी नजर रखी जा रही है। इसके अलावा पुलिस के जवान पूरी तरह से मुस्तैद है।
उन्होंने बताया कि शिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।इसलिए हर एंगल से सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। मंदिर समिति के सदस्य भी व्यवस्था बनाने में लगे हुए हैं। कई दिन पहले से शिवरात्रि के पर्व को शांतिपूर्वक बनाए जाने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई थी।
इस बार महाशिवरात्रि के दिन शनि प्रदोष व्रत भी है लेकिन बड़ी बात यह है कि अबकी बार महाशिवरात्रि पर 3 ग्रहों का मिलन हो रहा है जिनमें शुभ संयोग के साथ ही कुंभ राशि में शनि सूर्य और चंद्रमा एक साथ होकर त्रिग्रही योग बन रहा है। जो बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
उन्होंने बताया कि त्रिग्रही योग में भगवान भोलेनाथ की आराधना करना और भगवान भोलेनाथ पर जल चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है क्योंकि भगवान भोलेनाथ इस योग में पूजा करने वाले शिव भक्तों पर असीम कृपा करते हैं।
इस मौके पर जायजा लेने पहुंचे डीसीपी को अग्रवाल ने बताया कि इस बार मंदिर में शिव भक्तों की भीड़ अधिक है। जिसे ध्यान में रखते हुए करीब 500 पुलिसकर्मी सुरक्षा में लगाई गए हैं। जिस तरह से देर रात से ही भक्तों की लंबी कतार लगी हुई है।उसे देखकर लगता है कि करीब 2 लाख से भी ज्यादा शिवभक्त मंदिर में जलाभिषेक करने पहुंचेंगे।
किसी भी शिव भक्त को कोई परेशानी ना हो इसका विशेष ध्यान रखा गया है और चप्पे-चप्पे पर पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। मंदिर परिसर और उसके आसपास 46 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। महाशिवरात्रि के पर्व के मौके पर गाजियाबाद से सांसद व केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री वीके सिंह भी अपने परिवार के साथ दूधेश्वर नाथ मंदिर भगवान के दर्शन करने पहुंचे
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां