गाजियाबाद: 'मिशन शक्ति 0.5' के दूसरे चरण का शंखनाद; महिला पुलिसकर्मियों की बाइक रैली ने सड़कों पर भरा सुरक्षा का भरोसा

गाजियाबाद। महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को नई धार देने के लिए गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट ने 'मिशन शक्ति 0.5' के दूसरे चरण का शानदार आगाज किया है। मंगलवार को पुलिस लाइन के मैदान से जब सैकड़ों महिला पुलिसकर्मियों की बाइक रैली निकली, तो पूरा शहर खाकी के इस नारी शक्ति अवतार को देखकर गर्व से भर उठा। पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ ने हरी झंडी दिखाकर इस भव्य रैली को रवाना किया।
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इस रैली की खास बात यह रही कि इसमें केवल सिपाही ही नहीं, बल्कि जिले की वरिष्ठ महिला आईपीएस और एसीपी अधिकारी भी स्कूटी पर सवार होकर सड़कों पर उतरीं। आईपीएस लिपि नगायच, आईपीएस दीप्ति एस. चौहान, एसीपी प्रियाश्री पाल और एसीपी उपासना पाण्डेय ने खुद रैली का नेतृत्व कर यह संदेश दिया कि गाजियाबाद की बेटियां और महिलाएं खुद को अकेला न समझें। रैली जीटी रोड और शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए गुजरी, जहाँ आम नागरिकों ने तालियों के साथ इनका स्वागत किया।
"जब सड़क पर वर्दी दिखेगी, तब बढ़ेगा सुरक्षा का अहसास"
एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कार्यक्रम महिलाओं के मन से डर निकालने के लिए शुरू किया गया है। उन्होंने कहा:
"जब महिलाएं अपनी बहनों और बेटियों को पुलिस की वर्दी में सड़कों पर गश्त करते देखेंगी, तो उन्हें वास्तविक सुरक्षा का अहसास होगा। मिशन शक्ति 0.5 का यह दूसरा चरण अपराधियों में खौफ और महिलाओं में आत्मविश्वास भरने की दिशा में एक बड़ा कदम है।"
थानों को सख्त निर्देश: गश्त और हेल्पलाइन रहें एक्टिव
पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ ने अभियान की शुरुआत के साथ ही सभी थाना प्रभारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि केवल रैली तक सीमित न रहकर, हर थाने में महिला हेल्प डेस्क, काउंसलिंग सेंटर और एंटी-रोमियो स्क्वाड को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। शहर के हॉटस्पॉट्स (जहाँ छेड़खानी की घटनाएं अधिक होती हैं) पर अब महिला पुलिसकर्मी सादे कपड़ों और वर्दी में नियमित गश्त करेंगी।
बेटियों में दिखा भारी उत्साह
रैली के दौरान सड़कों पर खड़ी छात्राओं और कामकाजी महिलाओं ने इस पहल की सराहना की। कई लड़कियों ने कहा कि पुलिस की इस सक्रियता से अब उन्हें कोचिंग से घर लौटते समय या देर शाम सड़कों पर निकलने में हिचकिचाहट नहीं होगी। मिशन शक्ति 0.5 का यह दूसरा चरण आने वाले दिनों में जागरूकता कार्यक्रमों और त्वरित कार्रवाई के जरिए गाजियाबाद को महिलाओं के लिए और भी सुरक्षित बनाने का काम करेगा।
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