दिल्ली में ED की रेड के खिलाफ TMC का जोरदार हंगामा, TMC सांसद हिरासत में लिए गए
नई दिल्ली। कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की रेड के विरोध में गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसद सड़कों पर उतर आए। मामला उस वक्त और ज्यादा गरमा गया, जब टीएमसी सांसदों ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुलिस टीएमसी सांसदों को जबरन पकड़कर पुलिस वाहनों में बैठा रही है। इसी दौरान एक सांसद जमीन पर लेट गए, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरदस्ती उठाकर अपने साथ ले लिया। इन दृश्यों के सामने आने के बाद सियासी हलकों में हड़कंप मच गया है।
टीएमसी ने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतंत्र पर हमला बताया है। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। टीएमसी नेताओं का कहना है कि चुने हुए सांसदों के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद शर्मनाक है।
वहीं, पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में अभी कुछ महीने बाकी हैं, लेकिन उससे पहले ही राज्य की राजनीति में जबरदस्त उबाल देखने को मिल रहा है। ED की कार्रवाई को लेकर बंगाल में सियासी बवाल मचा हुआ है, जो अब अदालत तक पहुंच चुका है।
ED रेड से जुड़ा यह मामला कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंच गया है। कोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई हैं—एक प्रवर्तन निदेशालय की ओर से और दूसरी तृणमूल कांग्रेस की तरफ से। दोनों याचिकाओं पर जल्द सुनवाई होनी है।
इस बीच ED ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सबूत चोरी करने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा है कि ED केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इशारे पर टीएमसी का डेटा चुरा रही है। इसी के विरोध में ममता बनर्जी कोलकाता में पदयात्रा निकालने की घोषणा भी कर चुकी हैं।
अब सवाल ये है कि क्या चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई बंगाल की राजनीति को और ज्यादा गरमाएगी? और क्या इस सियासी टकराव का फैसला अदालत में होगा?
