ट्रैजरी ऑफिसर बनकर रिटायर्ड पीएसी कर्मी से 31 लाख रुपए की ठगी करने वाला गिरफ्तार
नोएडा। नोएडा में रिटायर्ड पीएसी कर्मी से 31 लाख की ठगी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को पंजाब से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए ठग की पहचान शमशेर अली के रूप में हुई है। वह बिहार के भागलपुर का रहने वाला है। उसका कनेक्शन जामताड़ा गैंग से है। पुलिस उससे […]
नोएडा। नोएडा में रिटायर्ड पीएसी कर्मी से 31 लाख की ठगी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को पंजाब से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए ठग की पहचान शमशेर अली के रूप में हुई है। वह बिहार के भागलपुर का रहने वाला है। उसका कनेक्शन जामताड़ा गैंग से है। पुलिस उससे पूछताछ कर उसके गैंग के बारे में पता लगा रही है। साइबर सेल की इंस्पेक्टर रीता यादव के अनुसार 22 अक्टूबर 2020 को साइबर सेल में एक मुकदमा दर्ज कराया गया था। केस दर्ज कराने वाले अमित शर्मा ने पुलिस को बताया था कि उनके पिता रविंद्र कुमार शर्मा पीएसी से मुख्य आरक्षी के पद से 31 मार्च 2020 को रिटायर्ड हुए थे। 22 जून 2020 को एक व्यक्ति ने खुद को ट्रैजरी ऑफिसर बताकर पिता को फोन किया था। उनसे पिता को पीपीओ बनाने का झांसा दिया। उसके बाद बैंक खाते की डिटेल पूछ ली। बाद में नेट बैंकिंग आईडी बनाकर एसबीआई के खाते से 31 लाख 10 हजार रुपए निकाल लिए। उसके बाद अपना नंबर बंद कर दिया। जिसके बाद पिता ठगी की जानकारी हुई।
मामले में साइबर टीम की ओर से जांच शुरू की गई। पता चला कि नूर अली और मकबूल अली ने मिलकर इनके साथ साइबर फ्रॉड किया है। इस मामले में साइबर टीम ने 2 अगस्त 2021 को नूर अली को गिरफ्तार कर लिया। तब से शमशेर फरार चल रहा था। उसे शनिवार को पंजाब के फतेहगढ़ साहिब से गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके खिलाफ झारखंड पंजाब और अन्य राज्यों में फ्रॉड के मुकदमें दर्ज हैं।
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