पीताम्बरा सिद्धपीठ पर पंडितों का विरोध, हवन-अनुष्ठान बंद कर एसडीएम हटाने की मांग
पंडितों का आरोप है कि एसडीएम द्वारा बिना पूर्व सूचना और चर्चा के नए नियम लागू किए जा रहे हैं, जिससे वर्षों से मंदिर में सेवा दे रहे पंडितों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पंडित देवेंद्र शास्त्री ने आरोप लगाया कि एसडीएम उन्हें अपमानजनक शब्दों से संबोधित करते हैं और स्वयं को मुख्यमंत्री मोहन यादव का रिश्तेदार बताकर दबाव बनाते हैं।
पंडित योगेश शर्मा ने बताया कि मंदिर में लगभग 200 पंडित पिछले 25 वर्षों से नियमित रूप से हवन-अनुष्ठान कर रहे थे, जिन्हें अचानक हटा दिया गया। साथ ही अस्थायी रसीद व्यवस्था लागू कर दी गई, जिससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। आक्रोशित पंडितों ने मंदिर परिसर में एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी की और अनिश्चितकाल के लिए हवन-अनुष्ठान बंद करने की घोषणा की। सूचना मिलने पर नलखेड़ा तहसीलदार प्रियंक श्रीवास्तव और थाना प्रभारी नागेश यादव मौके पर पहुंचे तथा पंडितों से चर्चा कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। प्रशासन और पंडितों के बीच फिलहाल बातचीत जारी है।
