BMC चुनाव 2026: ठाकरे बंधुओं का ऐतिहासिक 'संयुक्त घोषणापत्र' जारी, मुंबई के लिए साथ आए उद्धव और राज
मुंबई। महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों से पहले शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने रविवार को संयुक्त रूप से अपना गठबंधन घोषणापत्र जारी किया। शिवसेना भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में 'शिवशक्ति' नाम से जारी यह घोषणापत्र लगभग दो दशकों के बाद ठाकरे बंधुओं के औपचारिक पुनर्मिलन का प्रतीक है। इस दौरान शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत भी उपस्थित थे।
'शिवशक्ति' घोषणापत्र में मराठी मानुस और मुंबईकरों के कल्याण पर ज़ोर दिया गया है, जिसमें किफायती आवास, सार्वजनिक परिवहन, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और शहरी बुनियादी ढांचे जैसे प्रमुख नागरिक क्षेत्रों में प्रतिबद्धताएं जताई गई हैं। प्रमुख घोषणाओं में 'स्वाभिमान निधि' योजना शामिल है, जिसके तहत घरेलू महिला कामगारों और कोली मछुआरा समुदाय की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह भत्ता देने का वादा किया गया है।
गठबंधन ने 700 वर्ग फुट तक के आवासीय घरों पर संपत्ति कर खत्म करने और पुनर्विकसित इमारतों में प्रत्येक फ्लैट के लिए एक समर्पित पार्किंग स्थान सुनिश्चित करने का भी संकल्प लिया है। बुनियादी ढांचे और जीवन-यापन की लागत संबंधी चिंताओं को दूर करते हुए घोषणापत्र में प्रस्तावित 'बेस्ट विद्युत' पहल के तहत 100 यूनिट तक मुफ्त घरेलू बिजली देने का वादा किया गया है।
इससे पहले, गठबंधन के उम्मीदवारों के लिए एक कार्यशाला आयोजित की गई, जिसका नेतृत्व शिवसेना (यूबीटे) के आदित्य ठाकरे और मनसे के अमित ठाकरे ने किया। युवा नेतृत्व ने कुछ और प्रस्ताव पेश किये, जिसमें बस किराए में कटौती और 10 रुपये में नाश्ता व दोपहर का भोजन उपलब्ध कराने के लिए 'मासाहेब किचन' शुरू करना शामिल है।
घोषणापत्र में शहरी जीवनशैली से जुड़े उपायों को प्रमुखता दी गई है, जिसमें पालतू जानवरों के अनुकूल पार्क, पशु चिकित्सा क्लीनिक और समर्पित पशु श्मशान घाट बनाने की योजना है। महिला कल्याण पर जोर देते हुए मुख्य सड़कों पर हर दो किलोमीटर के अंतराल पर केवल महिलाओं के लिए शौचालयों के साथ-साथ पूरी मुंबई में उच्च गुणवत्ता वाले 'डे-केयर सेंटर' स्थापित करने का वादा किया गया है।
आदित्य ठाकरे ने जोर देकर कहा कि बीएमसी के स्वामित्व वाली भूमि का उपयोग निजी डेवलपरों को आवंटित करने के बजाय मुंबईकरों को लाभ पहुँचाने वाली आवास परियोजनाओं के लिए किया जाएगा।
यह गठबंधन मुंबई की नागरिक राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। दोनों भाइयों के बीच सार्वजनिक मेल-मिलाप जुलाई 2025 में 'हिंदी थोपे जाने' के विरोध में एक संयुक्त रैली के दौरान शुरू हुआ था, जिसके बाद त्योहारों और पारिवारिक अवसरों पर मुलाकातों का सिलसिला चला, जो रविवार को संयुक्त घोषणापत्र के विमोचन के रूप में सामने आया है।
