महाराष्ट्र की सियासत में नया ट्विस्ट: बीजेपी और ओवैसी की पार्टी में गठबंधन 'अजीब' गठबंधन; अकोट में साथ आए
मुंबई। महाराष्ट्र के अकोला जिले में अकोट नगर परिषद के चुनावों के बाद BJP और AIMIM के बीच हुए एक स्थानीय गठबंधन की खबर ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। महाराष्ट्र में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान अकोट नगर परिषद में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। 35 सीटों वाली परिषद में बीजेपी 11 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
इस गठबंधन को बाकायदा जिला प्रशासन के पास रजिस्टर भी करा दिया गया था, जिससे राजनीतिक हलकों में 'B-Team' के आरोपों को बल मिला।
वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अंबरनाथ और अकोला में कांग्रेस और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के साथ गठबंधन को संगठन विरोधी बताते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि इस तरह का बेमेल गठबंधन तत्काल रद्द होना चाहिए, वर्ना संबंधित नोताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की स्थानीय इकाइयों के नेताओं ने अंबरनाथ नगर परिषद में अपना नगराध्यक्ष बनाने के लिए सहयोगी शिवसेना (शिंदे गुट) को किनारे कर दिया। इसके बजाय उन्होंने 'अंबरनाथ विकास अघाड़ी' के नाम से कांग्रेस और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) से हाथ मिला लिया। इसी तरह अकोला जिले के अकोट नगर परिषद में नगराध्यक्ष बनाने के लिए एआईएमआईएम के पांच सदस्यों के साथ गठबंधन कर लिया।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने मुम्बई में मीडिया से बात करते हुए कहा कि पार्टी किसी भी कीमत पर कांग्रेस और एआईएमआईएम के साथ गठबंधन बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा का चुनावी गठबंधन शिंदे समूह की शिवसेना, अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले की रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के साथ है। इन सहयोगी पार्टियों के अलावा और कहीं गठबंधन होगा तो वह किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भी कार्रवाई करते हुए अंबरनाथ कांग्रेस कमेटी को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है और सभी 12 पार्षदों को पार्टी से निलंबित कर दिया है। इसी तरह एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज जलील ने भी भाजपा के साथ गठबंधन करने वाले नेताओं पर कार्रवाई की घोषणा की है।
