तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भूकंप के हल्के झटके
हैदराबाद। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में रविवार को भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3 दर्ज की गई। भूकंप के कारण कोई जनहानि या घरों को नुकसान नहीं हुआ है। भूकंप का केंद्र पुलिचिंतला जलाशय के करीब था। तेलंगाना के सूर्यापेट जिले के चिंतलपलेम और मेलाचेरुवु […]
हैदराबाद। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में रविवार को भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए।
रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3 दर्ज की गई। भूकंप के कारण कोई जनहानि या घरों को नुकसान नहीं हुआ है। भूकंप का केंद्र पुलिचिंतला जलाशय के करीब था।
ये भी पढ़ें पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्या मामले में संलिप्त आरोपी पवन बिश्नोई और जगतार सिंह को मिली जमानत तेलंगाना के सूर्यापेट जिले के चिंतलपलेम और मेलाचेरुवु मंडल (ब्लॉक) के कई गांवों में सुबह करीब 7.25 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। झटके करीब 10 सेकेंड तक महसूस किए गए।
नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनजीआरआई) के वैज्ञानिकों ने लोगों से कहा है कि घबराएं नहीं, क्योंकि यह कोई बड़ा भूकंप नहीं था।
आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले में पुलिचिंतला परियोजना के आसपास के गांवों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।
अचमपेट मंडल के मडिपाडू, चललगरिगा, गिंजुपल्ली के लोगों ने कहा कि उन्होंने एक जोरदार धमाका सुना।
परियोजना के आसपास के गांवों में भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत फैल गई।
इस क्षेत्र में 26 जनवरी, 2020 को 4.7 तीव्रता का भूकंप भी आया था।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां