अनमोल वचन
"यह ब्रह्मांड केवल भौतिक आधारों पर नहीं, अपितु मानवता के पवित्र और निस्वार्थ भावों पर टिका है। निराश न हों, क्योंकि मूल्यों के प्रति आस्थावान लोग अभी भी हैं। आवश्यकता केवल इस बात की है कि आपकी नेकी और श्रेष्ठता स्वयं तक सीमित न रहे। अपने पवित्र संस्कारों को सार्वभौमिक बनाने का प्रयास करें: आप सेवा का मार्ग अपनाएँ और फिर पाँच अन्य को प्रेरित करें—नेकी की यह श्रृंखला निरंतर चलती रहनी चाहिए। क्योंकि, धर्म के मार्ग पर चलना और दूसरों को उस मार्ग पर लाना ही इस पृथ्वी पर मानवता की सर्वोच्च सेवा है।"
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लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
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