सुप्रीम कोर्ट को मिले 5 नए जज, CJI DY चंद्रचूड़ ने दिलाई शपथ

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट को सोमवार को पांच नए न्यायाधीश मिल गए। भारत के मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने जस्टिस पंकज मिथल, संजय करोल, पी.वी. संजय कुमार, अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और मनोज मिश्रा सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में स्वीकृत 34 न्यायाधीशों के मुकाबले अब इनकी संख्या बढ़कर […]
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट को सोमवार को पांच नए न्यायाधीश मिल गए। भारत के मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने जस्टिस पंकज मिथल, संजय करोल, पी.वी. संजय कुमार, अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और मनोज मिश्रा सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में स्वीकृत 34 न्यायाधीशों के मुकाबले अब इनकी संख्या बढ़कर 32 हो गई। शपथ ग्रहण समारोह में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों, वकीलों और नए न्यायाधीशों के परिजनों के सदस्यों ने भाग लिया।
न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर केंद्र और न्यायपालिका के बीच लंबे समय से चली आ रही खींचतान के बीच केंद्र ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के लिए पांच न्यायाधीशों के नामों को हरी झंडी दे दी।
ये भी पढ़ें मिडिल ईस्ट की स्थिति के बीच इंडिगो ने बदला उड़ानों का शेड्यूल, 28 मार्च तक कुछ सेवाएं स्थगित हाल ही में कानून मंत्री किरेन रिजिजू सहित कई संवैधानिक पदाधिकारियों ने न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम प्रणाली पर सवाल उठाया है।
ये भी पढ़ें एनएचएआई का बड़ा फैसला: फास्टैग वार्षिक पास की फीस में बढ़ोतरी, एक अप्रैल से लागू होंगी नई दरेंशुक्रवार को अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने जस्टिस संजय किशन कौल और अभय एस ओका की पीठ को सूचित किया था कि पांच न्यायाधीशों के नामों को बहुत जल्द मंजूरी दे दी जाएगी।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कॉलेजियम द्वारा अनुशंसित उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के तबादले को मंजूरी देने में देरी पर केंद्र को चेतावनी देते हुए कहा था कि इसके परिणामस्वरूप प्रशासनिक और न्यायिक दोनों तरह की कार्रवाई हो सकती है, जो कि सुखद नहीं हो सकती है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां