संभल में DSP के ‘ईरान चले जाओ’ बयान पर ओवैसी का पलटवार: यह मुल्क आपके बाप का नहीं
संभल। उत्तर प्रदेश के जनपद संभल में एक पुलिस क्षेत्राधिकारी द्वारा अंतरराष्ट्रीय विवादों को लेकर दिए गए विवादित बयान ने अब देशव्यापी राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। असमोली के सीओ कुलदीप कुमार द्वारा शांति समिति की बैठक में प्रदर्शनकारियों को जहाज में बैठकर ईरान चले जाने की सलाह देने वाले बयान पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और समाजवादी पार्टी के विधायक इकबाल महमूद ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
सांसद ओवैसी का तीखा प्रहार
हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पुलिस अधिकारी के लहजे पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वह नागरिकों को देश छोड़ने की बात कहे। ओवैसी ने सीधे शब्दों में कहा कि यह मुल्क किसी की जागीर नहीं है और पुलिस अधिकारी को ऐसी भाषा शोभा नहीं देती। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी की भाषा विदेशी नेताओं के प्रभाव में लगती है जो एक खास समुदाय को लक्षित करने का प्रयास है।
विधायक इकबाल महमूद ने उठाए सवाल
ये भी पढ़ें मथुरा: आशुतोष महाराज पर गाड़ी के पेमेंट हड़पने का आरोप, कारोबारी ने ट्रस्ट को बताया 'फर्जी'संभल की शाही जामा मस्जिद में नमाज के बाद सपा विधायक इकबाल महमूद ने भी इस मुद्दे पर प्रशासन को घेरा। उन्होंने दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए कहा कि जब पड़ोसी देशों में हिंदुओं पर अत्याचार की खबरें आती हैं और भारत में उसके विरुद्ध प्रदर्शन होते हैं, तब प्रशासन इस तरह के बयान क्यों नहीं देता। उन्होंने कहा कि मानवता के नाते हर व्यक्ति को अपनी कौम और निर्दोषों के प्रति फिक्र करने का हक है। विधायक ने प्रदेश के वर्तमान माहौल को अल्पसंख्यकों के लिए असुरक्षित बताते हुए इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।
विवाद की मुख्य जड़
इस पूरे सियासी संग्राम की शुरुआत बुधवार को संभल कोतवाली में हुई पीस कमेटी की बैठक से हुई थी। बैठक के दौरान सीओ कुलदीप कुमार ने शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने की सख्त चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि कुछ लोग अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के नाम पर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारी ने बेहद सख्त लहजे में कहा था कि यदि किसी को दूसरे देशों के युद्ध से इतनी अधिक परेशानी है, तो वह वहां जाकर लड़ सकता है, लेकिन यहां की सड़कों पर शांति भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रशासनिक रुख और शांति की अपील
इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जहाँ एक ओर विपक्षी दल हमलावर हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस का तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति सरकारों का विषय है और स्थानीय स्तर पर इसके नाम पर भीड़ इकट्ठा करना कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है। फिलहाल जिले में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी ने माहौल में गर्माहट पैदा कर दी है।
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