प्रदूषित वातावरण की देन है एलर्जिक ब्रोंकाइटिस

On

–  राजा तालुकदार साइंस और टेक्नोलॉजी के विकास से जहां सुख-सुविधा के नए-नए साधन विकसित हुए हैं और मानव सुखमय हुआ है, वहीं तरह-तरह के रोग भी पैदा हुए हैं। आज वातावरण काफी प्रदूषित हो गया है जिसके कारण हम तरह-तरह के रोगों का शिकार हो रहे हैं। एलर्जिक ब्रोंकाइटिस प्रदूषित वातावरण की ही देन […]

–  राजा तालुकदार

साइंस और टेक्नोलॉजी के विकास से जहां सुख-सुविधा के नए-नए साधन विकसित हुए हैं और मानव सुखमय हुआ है, वहीं तरह-तरह के रोग भी पैदा हुए हैं। आज वातावरण काफी प्रदूषित हो गया है जिसके कारण हम तरह-तरह के रोगों का शिकार हो रहे हैं।

तिर्यक ताड़ासन : पूरे शरीर के लिए लाभदायी, मन भी रहेगा शांत ये भी पढ़ें  तिर्यक ताड़ासन : पूरे शरीर के लिए लाभदायी, मन भी रहेगा शांत

एलर्जिक ब्रोंकाइटिस प्रदूषित वातावरण की ही देन है। इसका रोगी खांसते खांसते बेजान सा हो जाता है। गले में जमा बलगम निकालने के लिए रोगी को बार-बार खांसना पड़ता है और थोड़ा बलगम निकलने पर रोगी को आराम मिलता है।

जोड़ों में दर्द, जकड़न और सूजन से चाहिए छुटकारा? अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय  ये भी पढ़ें  जोड़ों में दर्द, जकड़न और सूजन से चाहिए छुटकारा? अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय

कारण:- श्वसन संस्थान के संक्रमण, एलर्जी, मौसम में अचानक बदलाव, ठंडी, बर्फीली हवाएं, धुएं वाले वातावरण में रहना, बीटा ब्लाकर दवाओं का लगातार अधिक दिनों तक सेवन करना, तीव्र रसायनिक सौंदर्य प्रसाधनों का प्रयोग, शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति का कम होना, बचपन में बार-बार निमोनियाग्रस्त होना, शीतल वायु का ज्यादा प्रयोग, श्लेष्मावर्द्धक आहार का ज्यादा सेवन, कब्ज, मानसिक तनाव, मौसम में बार-बार परिवर्तन आदि एलर्जिक ब्रोंकाइटिस को पैदा करने वाले कुछ कारक हैं। इस रोग में श्वसन संस्थान में शोथ उत्पन्न हो जाता है।

कम या ज्यादा नींद दोनों नुकसानदेह! जानिए क्या कहते हैं यूनानी चिकित्सा के सिद्धांत  ये भी पढ़ें  कम या ज्यादा नींद दोनों नुकसानदेह! जानिए क्या कहते हैं यूनानी चिकित्सा के सिद्धांत

लक्षण:- गले में बलगम जमा रहना, श्वास लेने में कष्ट, बलगम निकालने में कष्ट, बलगम निकल आने पर आराम मिलना, बलगम निकालने के लिए बार-बार खांसना, आंखों के आगे अंधेरा छाना, प्यास अधिक लगना, मुंह का सूखना, गर्म पेय या आहार की इच्छा, श्वास के साथ सीटी के समान आवाज निकलना, वक्ष शूल, कभी-कभी ज्वर, ललाट पर पसीना आदि इस रोग के लक्षण हैं। प्रतिकूल कारणों से ये लक्षण बढ़ कर रोगी को कष्ट पहुंचाते हैं।

उपचार:- उपचार के दौरान ऐसे योगों की जरूरत होती है जो श्वास नली विस्तारक के साथ बलगम के नि:सारक हों जो श्वसन संस्थान के शोथ को कम करें, कंठ प्रदेश के शोथ को कम करें, जो कब्ज को दूर करे, पेट की वायु का अनुलोमन करें तथा वात नाड़ी को मजबूत करें तथा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाये।

आयुर्वेद में श्वास कुठार रस, श्वास कास चिन्तामणि रस, अभ्रक भस्म, यवक्षार, अर्कक्षर तालिशादि चूर्ण, श्रृंग्यादि चूर्ण, कनकासव, च्यवनप्राश अवलेह, कनक वटी, वासावलेह, कंटकारी अवामेह,मरिच्यादि वटी आदि अनेक गुणकारी योग उपलब्ध हैंं जिनका उपयोग वैद्य की सलाह से करके लाभ उठाया जा सकता है। उपरोक्त सारी औषधियां उपरोक्त नामों से अनेक आयुर्वेदिक औषधि निर्माता कं. द्वारा निर्मित बाजार में उपलब्ध हैं। किसी स्थानीय अनुभवी वैद्य की सलाह से इन्हें आयुर्वेदिक दवा विक्रेताओं से प्राप्त करके उपयोग किया जा सकता है।

कुछ लाक्षणिक उपचार की भी जरूरत पड़ती है जैसे पेट में दर्द होने पर हिंग्वाष्टक चूर्ण,हिंगवादी वटी, लहसुनादि वटी, कब्ज होने पर पंचसकार चूर्ण या गुलकन्द, वक्षशूल प्रदेश पर सैन्धवादि तेल की मालिश करनी चाहिए।
उपचार के साथ-साथ परहेज रखना भी जरूरी होता है। तभी पूर्ण लाभ मिल सकता है। आपातकालीन अवस्था में इन्हेलर, नैबोलाइजर, ऑक्सीजन या स्टीरायड का इस्तेमाल किया जा सकता है।

पथ्य:- पपीता, चीकू, अदरक, तुलसी, मेथी, हींग, मुनश्चा, काली मिर्च, गर्म पेय-चाय, कॉफी, सूप, लघु सुपाच्य भोजन, गर्म जलेबी आदि।

अपथ्य:- पालक, सरसों, लेसदार खाद्य पदार्थ जैसे-भिण्डी, अरबी, राजमा, हल्दी, चावल, ठंडी हवा, ठंडा जल, बर्फ, धूल, धुआं आदि।

पथ्य , अपथ्य का ध्यान रखते हुए परहेजपूर्वक आहार ग्रहण किया जाये तथा औषधियों का सेवन किया जाये तो ब्रोंकाइटिस से छुटकारा पाया जा सकता है।

आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।

टिप्पणियां

संबंधित खबरें

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)

Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru

लेखक के बारे में

अनिल रॉयल | Founder and Editor-in-Chief Picture

रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।

पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।

वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

नवीनतम

मुजफ्फरनगर: न्यू इंडियन पब्लिक जूनियर हाईस्कूल में वार्षिक दिवस समारोह, विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित

मुजफ्फरनगर। न्याजुपुरा स्थित न्यू इंडियन पब्लिक जूनियर हाईस्कूल में शनिवार को वार्षिक दिवस एवं पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन...
मुज़फ़्फ़रनगर 
मुजफ्फरनगर: न्यू इंडियन पब्लिक जूनियर हाईस्कूल में वार्षिक दिवस समारोह, विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित

Tulsi Plant: सूख चुका तुलसी का पौधा फिर से हरा भरा बनाने का आसान घरेलू तरीका

Tulsi Plant: तुलसी का पौधा हर घर की शान माना जाता है। यह न केवल वातावरण को शुद्ध करता है...
कृषि 
Tulsi Plant: सूख चुका तुलसी का पौधा फिर से हरा भरा बनाने का आसान घरेलू तरीका

यूपी बजट में किसानों की सम्मान निधि व सब्सिडी बढ़ाने की मांग : सुमित मलिक

मुजफ्फरनगर। किसान आरटीआई कार्यकर्ता एवं समाजसेवी सुमित मलिक ने उत्तर प्रदेश के आगामी बजट को लेकर किसानों से जुड़ी अहम...
मुज़फ़्फ़रनगर 
यूपी बजट में किसानों की सम्मान निधि व सब्सिडी बढ़ाने की मांग : सुमित मलिक

मुजफ्फरनगर–शामली के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, एमडीए की 59वीं बोर्ड बैठक में बजट समेत कई अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर और शामली जनपद के समग्र विकास की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (एमडीए)...
Breaking News  मुज़फ़्फ़रनगर 
मुजफ्फरनगर–शामली के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, एमडीए की 59वीं बोर्ड बैठक में बजट समेत कई अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा- पता लगाएं कि क्या बच्चों के लापता होने के पीछे कोई राष्ट्रव्यापी नेटवर्क है

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार से कहा है कि वो ये पता लगाएं कि देश के विभिन्न हिस्से...
Breaking News  मुख्य समाचार  राष्ट्रीय 
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा- पता लगाएं कि क्या बच्चों के लापता होने के पीछे कोई राष्ट्रव्यापी नेटवर्क है

उत्तर प्रदेश

मुरादाबाद में ‘मिस एंड मिसेज मुरादाबाद 2026’ का शानदार आयोजन: चारू अग्रवाल व निकिता अरोड़ा बनीं विजेता

मुरादाबाद, 10 फरवरी 2026। लाइफ स्टाइल फाउंडेशन और पर्यावरण मित्र समिति के संयुक्त तत्वावधान में मुरादाबाद में ‘मिस एंड मिसेज...
उत्तर प्रदेश  मुरादाबाद 
मुरादाबाद में ‘मिस एंड मिसेज मुरादाबाद 2026’ का शानदार आयोजन: चारू अग्रवाल व निकिता अरोड़ा बनीं विजेता

दिल्ली कंस्टीट्यूशन क्लब में बीकेयू की सेमिनार, 12 को जिला मुख्यालय का करेंगे घेराव

मेरठ। भारतीय किसान यूनियन द्वारा दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित मुक्त व्यापार समझौता खतरे में खेती के...
उत्तर प्रदेश  मेरठ 
दिल्ली कंस्टीट्यूशन क्लब में बीकेयू की सेमिनार, 12 को जिला मुख्यालय का करेंगे घेराव

यूपी: इटावा में प्रेम प्रसंग में पति की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या, पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार

   इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में एक दिल दहला देने वाली हत्या की वारदात सामने आई है, जिसने पूरे...
Breaking News  उत्तर प्रदेश  आगरा 
यूपी: इटावा में प्रेम प्रसंग में पति की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या, पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार

सहारनपुर: फॉर्म सात पर नई गाइडलाइन, समाजवादी पार्टी ने बताया बड़ी जीत

सहारनपुर। भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश द्वारा फॉर्म सात को लेकर नई गाइडलाइन जारी किए जाने...
उत्तर प्रदेश  सहारनपुर 
सहारनपुर: फॉर्म सात पर नई गाइडलाइन, समाजवादी पार्टी ने बताया बड़ी जीत