मुजफ्फरनगर पालिका में 'जन्म-मृत्यु' का खेल! चेयरमैन के आदेश के बावजूद भ्रष्ट कर्मियों की 'री-एंट्री', सभासद ने किया बड़ा खुलासा
नगर पालिका में 'जन्म-मृत्यु' का खेल! चेयरमैन के आदेश के बावजूद भ्रष्ट कर्मियों की 'री-एंट्री', सभासद ने किया बड़ा खुलासा
मुजफ्फरनगर | मुजफ्फरनगर नगर पालिका परिषद का जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र विभाग इस समय 'वसूली' के एक बड़े खेल का मैदान बन चुका है। वार्ड 26 से भाजपा सभासद योगेश मित्तल ने इस विभाग में चल रही 'जमकर वसूली' का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उन्होंने न केवल अधिशासी अधिकारी (EO) प्रज्ञा सिंह को लिखित शिकायत सौंपी है, बल्कि चेयरमैन मीनाक्षी स्वरूप पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिन्होंने शिकायत के बाद भ्रष्ट कर्मियों को हटाया था, लेकिन अब वे फिर से उसी पटल पर तैनात कर दिए गए हैं।
योगेश मित्तल ने आरोप लगाया कि 12 जनवरी से 27 जनवरी 2026 के बीच, यानी करीब 15 दिनों से, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने आए नागरिकों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। सही और पूरे दस्तावेज जमा करने के बावजूद उनके प्रमाण पत्र नहीं बनाए जा रहे हैं। सभासद ने कहा, "जनता को बार-बार चक्कर कटवाए जा रहे हैं, जबकि पीछे के दरवाजे से 'खेल' करने वालों के काम तुरंत हो रहे हैं।" यह सीधे तौर पर वसूली के सिंडिकेट की ओर इशारा करता है।
'कोई सुनवाई नहीं होती, जनता मजबूर, अब मोर्चा खोला है!'
सभासद ने कहा कि जब शिकायत के बावजूद स्थिति नहीं बदली और कोई सुनवाई नहीं हुई, तो मजबूर होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने अधिशासी अधिकारी प्रज्ञा सिंह से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, उन सभी दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए जो अवैध वसूली में लिप्त हैं और इस 'दोबारा तैनाती' के पीछे के कारणों की भी पड़ताल की जाए।
पालिका की 'छवि' और जनता का 'विश्वास' दांव पर
योगेश मित्तल ने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर मामले में त्वरित और निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे और इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से नगर पालिका की छवि धूमिल होती है और जनता का प्रशासनिक व्यवस्था से विश्वास उठ जाता है।
'चेयरमैन ने हटाया, फिर उन्हीं की शह पर वापस आए वसूलीबाज!'
कुछ सभासदों ने बताया कि यह भ्रष्टाचार कोई नया नहीं है। पहले भी चेयरमैन मीनाक्षी स्वरूप को इस विभाग में हो रही अवैध वसूली के बारे में शिकायत की जा चुकी थी। सभासदों के अनुसार, "चेयरमैन ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आरोपी कर्मियों को उनके पटल से हटा दिया था, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से, कुछ ही समय बाद उन्हें वापस उसी विभाग में तैनात कर दिया गया। यह सीधा-सीधा भ्रष्ट कर्मियों को संरक्षण देने और उनकी अवैध गतिविधियों को फिर से शुरू करने का लाइसेंस देने जैसा है।"
प्रशासनिक आश्वासन, लेकिन सवाल बरकरार
फ़िलहाल नगरपालिका प्रशासन ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मामले की जांच कर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है। लेकिन सवाल यह है कि क्या इस बार वाकई दोषियों पर कार्रवाई होगी या फिर 'वसूलीबाज' फिर से किसी न किसी बहाने उसी पटल पर लौट आएंगे?
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लेखक के बारे में
मुज़फ्फरनगर के वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप त्यागी पिछले दो दशकों (20 वर्ष) से रॉयल बुलेटिन परिवार के एक अटूट और विश्वसनीय स्तंभ हैं। दो दशकों के अपने इस लंबे सफर में आपने मुज़फ्फरनगर की हर छोटी-बड़ी राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक हलचल को बेहद करीब से देखा और अपनी लेखनी से जनता की आवाज़ बुलंद की है। वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में जिला प्रभारी की ज़िम्मेदारी निभा रहे श्री त्यागी अपनी ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए पूरे जिले में पहचाने जाते हैं। जिले की खबरों, जन-समस्याओं और संवाद हेतु आप उनसे मोबाइल नंबर 9027803022 पर संपर्क कर सकते हैं।

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