मुजफ्फरनगर: यूजीसी एक्ट-2026 के खिलाफ करणी सेना का बिगुल, 8 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में होगा 'महाआंदोलन'
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने दी रोलबैक की चेतावनी; बोले- सामान्य वर्ग के अधिकारों का हनन हुआ तो चुनावों में जनता सरकार को कर देगी 'रोलबैक'
मुजफ्फरनगर/मेरठ। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए यूजीसी एक्ट 2026 को लेकर सामान्य वर्ग में आक्रोश की लहर तेज होती जा रही है। इस कानून के विरोध में अब क्षत्रिय करणी सेना ने लामबंद होना शुरू कर दिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने स्पष्ट किया है कि यह कानून सामान्य जाति के अधिकारों पर सीधा कुठाराघात है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। शुक्रवार को मेरठ में 'आमंत्रण यात्रा' के दौरान आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने केंद्र सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इस भेदभावपूर्ण कानून को वापस नहीं लिया, तो आगामी चुनावों में इसका गंभीर परिणाम भुगतना होगा।
डॉ. राज शेखावत ने मीडिया से रूबरू होते हुए आरोप लगाया कि सरकार वोट बैंक की राजनीति के चलते एससी-एसटी और ओबीसी वर्गों को साधने में जुटी है, जबकि सामान्य वर्ग की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा, "यूजीसी एक्ट 2026 संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 का सरेआम उल्लंघन है। संविधान हमें समानता और स्वाभिमान का अधिकार देता है, लेकिन यह नया कानून उस समानता की नींव को हिला रहा है।" उन्होंने कहा कि देश का सामान्य वर्ग अब अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर है।
8 मार्च को दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
आंदोलन की रूपरेखा रखते हुए डॉ. शेखावत ने बताया कि आगामी 8 मार्च को दोपहर 12 बजे दिल्ली के रामलीला मैदान में देशभर से लाखों लोग जुटेंगे। यह एक ऐतिहासिक शक्ति प्रदर्शन होगा, जिसमें केवल क्षत्रिय समाज ही नहीं बल्कि पूरे सामान्य वर्ग के लोग शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन के लिए विभिन्न जिलों में जिलाधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर जनसंपर्क किया जा रहा है। करणी सेना ने इस कानून की विसंगतियों को लेकर 10 सूत्रीय मांग पत्र भी तैयार किया है, जिसे केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा।
चक्का जाम और घेराव की चेतावनी
प्रशासनिक सख्ती की संभावनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. राज शेखावत ने सख्त लहजे में कहा कि आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में होगा, जिसके लिए अनुमति ले ली गई है। उन्होंने चेतावनी दी, "यदि पुलिस या प्रशासन ने 8 मार्च को दिल्ली जा रहे सामान्य वर्ग के नागरिकों को रोकने का प्रयास किया, तो वहीं पर चक्का जाम कर दिया जाएगा।" उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो जनता सांसदों के आवासों का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेगी। डॉ. शेखावत ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले में जताई गई कड़ी प्रतिक्रिया का हवाला देते हुए सरकार से अपनी भूल सुधारने की मांग की है।
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