मुज़फ्फरनगर में सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा: एनएसएस स्वयंसेवकों ने बुलंद की आवाज, एआरटीओ ने दिलाई शपथ
मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री के आदेश और जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देशन में शुक्रवार को परिवहन विभाग की ओर से "सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा" अभियान के अंतर्गत एक भव्य जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जेके पीजी कॉलेज में आयोजित इस कार्यशाला की अध्यक्षता एआरटीओ प्रवर्तन सुशील कुमार मिश्र ने की।
कार्यशाला के दौरान एआरटीओ सुशील कुमार मिश्र ने राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सभी स्वयंसेवकों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाते हुए कहा कि नियमों का पालन न केवल कानूनी मजबूरी है, बल्कि यह जीवन बचाने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने अपील की कि युवा स्वयंसेवक समाज में दूत बनकर सड़क सुरक्षा के नियमों का प्रचार-प्रसार करें ताकि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
कार्यक्रम अधिकारी वर्चसा ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जन-जागरूकता को अनिवार्य बताया। संचालन करते हुए राजीव कुमार ने देश में सड़क हादसों के भयावह आंकड़ों को साझा कर छात्रों को सचेत किया। इस अवसर पर परिवहन विभाग द्वारा यातायात नियमों से संबंधित कैलेंडर और पत्रक (पम्फलेट्स) वितरित किए गए। कार्यक्रम को सफल बनाने में असिस्टेंट प्रोफेसर जैनब, आरुषि और अन्य स्वयंसेवकों का विशेष सहयोग रहा।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
बिजेंद्र सैनी वर्ष 1993 से निरंतर रॉयल बुलेटिन परिवार का एक अभिन्न हिस्सा हैं। तीन दशकों से अधिक के अपने गौरवशाली सफर में उन्होंने संस्थान को तकनीकी और संपादकीय, दोनों मोर्चों पर मजबूती दी है।
वर्तमान में वह कंप्यूटर विभाग के वरिष्ठ प्रमुख (Senior In-charge) के रूप में तकनीकी कमान संभालने के साथ-साथ संपादकीय टीम (Editorial Team) के एक महत्वपूर्ण सदस्य हैं। तकनीकी विशेषज्ञता और अनुभवी लेखनी के अनूठे संगम के साथ बिजेंद्र सैनी रॉयल बुलेटिन की विश्वसनीयता और प्रगति में निरंतर अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं।

टिप्पणियां