पप्पू यादव ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समर्थन में कहा, अविश्वास प्रस्ताव की जरूरत नहीं
नई दिल्ली । लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कहा कि संसदीय प्रणाली में अध्यक्ष का पद बहुत महत्वपूर्ण और लोकतांत्रिक होता है। वे एक प्रधान होते हैं, प्रधानसेवक होते हैं। स्पीकर 140 करोड़ लोगों का प्रतिबिंब हैं। उस प्रतिबिंब को दर्पण में दिखना चाहिए। मैं तो यही कहूंगा कि सोमनाथ दादा ने अपने अनुशासन के लिए अपने दल तक को त्याग दिया था। पप्पू यादव ने कहा कि आज हमारे अध्यक्ष अच्छे हैं और मेरी कामना है कि उनका प्रतिनिधित्व भारत की पूरी 140 करोड़ जनता का प्रतिनिधित्व बना रहे और ऐसी आवश्यकता कभी उत्पन्न न हो। 10 फरवरी को विपक्ष के सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लोकसभा महासचिव को रूल 94 (सी) के तहत अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपा। इस पर विपक्ष के 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं।
ये भी पढ़ें नोएडा में होली के दौरान दो सोसाइटियों में बवाल, मारपीट के वीडियो वायरल, 10 आरोपी गिरफ्तारयह प्रस्ताव लोकसभा में कांग्रेस के डिप्टी लीडर गौरव गोगोई ने पेश किया था, जिसमें संविधान के आर्टिकल 94(सी) का इस्तेमाल करते हुए स्पीकर को हटाने का प्रावधान है। नोटिस में विपक्ष ने स्पीकर पर सदन की कार्यवाही खुलेआम पक्षपातपूर्ण तरीके से चलाने और विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं को बार-बार बोलने का मौका न देने का आरोप लगाया। विपक्ष ने कहा था कि हालांकि वह स्पीकर का पर्सनली सम्मान करता है, लेकिन उसे इस बात से दुख और तकलीफ है कि विपक्षी सांसदों को लोकसभा में लोगों की चिंता के जायज मुद्दे उठाने से लगातार रोका जा रहा है।
विपक्ष ने अपने आरोप को साबित करने के लिए प्रस्ताव में कई उदाहरणों का हवाला दिया था। इसमें कहा गया था कि 2 फरवरी को राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपना संबोधन पूरा नहीं करने दिया गया। 3 फरवरी को आठ विपक्षी सांसदों को बजट सेशन के बाकी समय के लिए मनमाने ढंग से सस्पेंड कर दिया गया, जिसके बारे में नोटिस में दावा किया गया कि यह सदस्यों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए सजा देने जैसा है। अपने नोटिस में विपक्ष ने कुछ और उदाहरणों का जिक्र किया है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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