एयरोनॉटिक्स एवं स्पेस टेक में डिग्री कोर्स, एचएएल, एयरबस, रोल्स-रॉयस में मिल सकता है मौका
ये भी पढ़ें शम्मी कपूर की वजह से चमका था राजीव कपूर का शुरुआती करियर, एक हिट देने के बाद बदल गई थी जिंदगीनई दिल्ली । स्पेस टेक्नोलॉजी में रुचि रखने वाले छात्र अब आईआईटी से ऑनलाइन एयरोनॉटिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी में डिग्री कोर्स कर सकेंगे। सोमवार को इस प्रोग्राम की घोषणा की गई है। यह खास कोर्स ड्रोन, यूएवी, स्पेस टेक्नोलॉजी और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रोफेशनल्स तैयार करेगा। 12वीं पास छात्रों के लिए यह कोर्स खुला है।
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खास बात यह है कि इसमें आईआईटी-जेईई परीक्षा की भी कोई जरूरत नहीं है। दरअसल, आईआईटी मद्रास ने एयरोनॉटिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी में यह नया बैचलर ऑफ साइंस (बीएस) कोर्स शुरू किया है। इस कोर्स से निकलने वाले छात्रों के लिए एचएएल, बीडीएल, मिश्र धातु निगम, बोइंग, एयरबस, रोल्स-रॉयस, जीई एयरोस्पेस, हनीवेल, सिमेन्स जैसी बड़ी कंपनियों में काम करने के रास्ते खुल सकते हैं। आईआईटी छात्रों के प्लेसमेंट में भी मदद करेगी। यह पूरी तरह ऑनलाइन और फ्लेक्सिबल अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम है, जिसे इस तरह तैयार किया गया है कि छात्र सीधे इंडस्ट्री में काम करने लायक स्किल्स सीख सकें।
इस कोर्स का मकसद देश में तेजी से बढ़ रहे सेक्टर, जैसे एविएशन, ड्रोन, यूएवी, स्पेस टेक्नोलॉजी और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के लिए तैयार प्रोफेशनल्स बनाना है। खास बात यह है कि इसमें पढ़ाई के साथ-साथ डिजाइन, एनालिसिस और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर भी जोर दिया जाएगा। कोर्स की लॉन्चिंग सोमवार को आईआईटी मद्रास कैंपस में हुई।
इस मौके पर आईआईटी मद्रास के डायरेक्टर प्रो. वी कामकोटि मौजूद रहे। भारतीय वायुसेना के लिए फाइटर जेट बनाने वाली कंपनी हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड के सीएमडी डॉ. डीके सुनील समेत कई दिग्गज इससे वर्चुअली जुड़े। यह कोर्स कक्षा 12 पास किसी भी छात्र के लिए खुला है, फिर चाहे वह डिप्लोमा होल्डर हो या वर्किंग प्रोफेशनल। इसमें आईआईटी-जेईई की कोई जरूरत नहीं है और एडमिशन की संख्या पर भी कोई सीमा नहीं रखी गई है। छात्र अपनी सुविधा के हिसाब से पढ़ाई की रफ्तार तय कर सकते हैं। परीक्षाएं ज्यादातर रविवार को होंगी, जो सेंटर पर और ऑनलाइन दोनों तरीकों से कराई जाएंगी।
आईआईटी मद्रास की कोड यूनिट छात्रों को इंटर्नशिप और प्लेसमेंट में मदद करेगी, जिससे नौकरी के मौके और मजबूत होंगे। इस नई पहल पर आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. वी कामकोटि ने कहा कि एयरोनॉटिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी तेजी से आगे बढ़ रहे क्षेत्र हैं और यहां खास स्किल्स वाले लोगों की जरूरत है। यह कोर्स ज्यादा से ज्यादा युवाओं को इन सेक्टरों में मौका देने की दिशा में एक अहम कदम है। पढ़ाई के दौरान छात्रों को इंडस्ट्री-स्टैंडर्ड टूल्स पर काम करने का मौका मिलेगा।
डिप्लोमा लेवल पर प्रोजेक्ट और इंटर्नशिप होंगे, जबकि बीएस लेवल पर पूरा विमान या स्पेसक्राफ्ट डिजाइन करने का कैपस्टोन प्रोजेक्ट कराया जाएगा। इसके अलावा, नई शिक्षा नीति के तहत मल्टीपल एग्जिट ऑप्शन भी हैं। यानी फाउंडेशन, डिप्लोमा या पूरी बीएस डिग्री पर पढ़ाई खत्म करने की सुविधा है। अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को आगे चलकर आईआईटी मद्रास में एमएस करने का मौका भी मिल सकता है। कम आय वाले छात्रों के लिए आईआईटी मद्रास की तरफ से 75 प्रतिशत तक फीस में छूट भी दी जाएगी, ताकि पैसों की वजह से कोई टैलेंट पीछे न रह जाए। यह कोर्स उन युवाओं के लिए बड़ा मौका है जो एविएशन और स्पेस सेक्टर में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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