भारत की नारी शक्ति का साहस, धैर्य और संघर्ष देश की प्रगति में बड़ी भूमिका निभा रहा हैः रक्षामंत्री
नई दिल्ली। भारत की तीनों सेनाओं थलसेना, वायुसेना और नौसेना में महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भारतीय सेनाओं ने इन वीर, साहसी और कर्तव्यनिष्ठ महिला सैनिकों के योगदान को याद किया है। गौरतलब है कि 8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर देशभर में महिलाओं की उपलब्धियों और उनके योगदान को सम्मान के साथ याद किया जा रहा है। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की सभी महिलाओं को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की शक्ति, समर्पण और दृढ़ संकल्प पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
ये भी पढ़ें मुजफ्फरपुर के राघव झुनझुनवाला ने यूपीएससी में हासिल की अखिल भारतीय चौथी रैंक, शहर में खुशी की लहरराजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि महिलाओं को आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिल सकें और वे राष्ट्र निर्माण में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। रक्षा मंत्री का कहना है कि भारत की नारी शक्ति का साहस, धैर्य और संघर्ष देश की प्रगति में बड़ी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने महिलाओं के योगदान को सलाम करते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़कर देश को मजबूत बना रही हैं। इसी बीच अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर नई दिल्ली स्थित सेना के आर आर अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में एक विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेत्र विज्ञान केंद्र के बीच संयुक्त रूप से आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं की महानिदेशक, सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन मौजूद रहीं। उन्होंने यहां प्रोफेसर राधिका टंडन के साथ इस सहयोग की शुरुआत की। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आँखों से जुड़ी कई जटिल बीमारियों जैसे रेटिना का अलग हो जाना, फफूंद जनित कॉर्निया संक्रमण और कॉर्निया के पतले होने जैसी समस्याओं के मामलों पर मंथन किया। साथ ही, इन बीमारियों के आधुनिक उपचार और प्रबंधन के तरीकों पर भी विचार साझा किए गए। वहीं भारतीय वायुसेना ने भी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मान दिया। वायुसेना ने कहा कि महिलाएं अपनी शक्ति, साहस और उपलब्धियों से पूरे समाज को प्रेरित कर रही हैं और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। इसके अलावा भारतीय सेना की पश्चिमी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने भी महिला दिवस के अवसर पर महिला अधिकारियों, सैनिकों, रक्षा नागरिक कर्मचारियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं का साहस, नेतृत्व और समर्पण भारतीय सेना की परंपराओं और मूल्यों को मजबूत बनाता है।
सेना की कमान ने संस्कृत के प्रसिद्ध वाक्य “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवताः” का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां महिलाओं का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है। सेना ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व के साथ देश की प्रगति और राष्ट्र निर्माण की यात्रा और भी मजबूत हो रही है। गौरतलब है कि इस महत्वपूर्ण दिन का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों, समानता और उनके सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक योगदान को सम्मान देना है। गौरतलब है कि भारतीय सेनाओं में महिलाएं अहम भूमिका निभा रही हैं, फिर चाहे वह वायुसेना के आधुनिक विमान उड़ाने की बात हो या फिर नौसेना के विश्व परिक्रमा जैसे मिशन हों। इन सब मिशन में महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है। वहीं भारतीय थल सेना में भी महिलाएं आधुनिक हथियार चलाने से लेकर अन्य महत्वपूर्ण सैन्य भूमिका अदा कर रही हैं। दरअसल विश्वभर में आज का यह दिन महिलाओं की उपलब्धियों को याद करने और समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। साथ ही यह दिन यह भी याद दिलाता है कि शिक्षा, रोजगार और निर्णय लेने के अधिकारों में महिलाओं को बराबरी का अवसर जरूरी है, तभी समाज का संतुलित विकास संभव है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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