गन्ना मूल्य घोषित करने, बकाया गन्ने का भुगतान और आवारा पशुओं से छुटकारे की मांग को लेकर रालोद विधायकों ने किया प्रदर्शन
शामली। शामली में राष्ट्रीय लोकदल के विधायकों एवं प्रसन्न चौधरी व असरफ अली के नेतृत्व में दर्जनों की संख्या में लोकदल कार्यकर्ता और किसानों ने आज धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान लोकदल के कार्यकर्ताओं ने वर्तमान समय में गन्ने का लाभकारी मूल्य घोषित करने, बकाया गन्ना भुगतान कराने और आवारा पशुओं से छुटकारा दिलाए जाने […]
शामली। शामली में राष्ट्रीय लोकदल के विधायकों एवं प्रसन्न चौधरी व असरफ अली के नेतृत्व में दर्जनों की संख्या में लोकदल कार्यकर्ता और किसानों ने आज धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान लोकदल के कार्यकर्ताओं ने वर्तमान समय में गन्ने का लाभकारी मूल्य घोषित करने, बकाया गन्ना भुगतान कराने और आवारा पशुओं से छुटकारा दिलाए जाने की मांग को लेकर हजारों की संख्या में जनपद के किसानों से एकत्र किए गए मांग पत्र भी एडीएम शामली को सौंपे गए।
आपको बता दें कि मंगलवार को राष्ट्रीय लोकदल के शामली सदर विधायक प्रसन्न चौधरी व थानाभवन से विधायक अशरफ अली के नेतृत्व में दर्जनों की संख्या में कार्यकर्ताओं और किसानों ने शामली कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर प्रदर्शन किया। साथ ही जनपद से राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ताओं के द्वारा किसानों से भरवाए गए मांग पत्र भी एडीएम शामली को सौंपे। इस मांग पत्र में किसानों के बकाया गन्ना भुगतान, वर्तमान गन्ना मूल्य को लाभकारी घोषित कर आना और आवारा पशुओं से छुटकारा दिलाने की मांग शामिल है। राष्ट्रीय लोकदल विधायक प्रसन्न चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय में किसानों की हालत बेहद खराब है, ना तो उसे वर्तमान समय के गन्ना मूल्य का पता है और ना ही पूर्व के वर्षों का बकाया गन्ना भुगतान उसका हुआ है। उसी के साथ-साथ आवारा पशु भी किसानों की फसलों को नष्ट कर रहे हैं,यह अन्नदाता के साथ अन्याय हैं और किसानों की इन मांगों को शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो राष्ट्रीय लोकदल एक बड़ा आंदोलन करेगा। सपा महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य के राम चरितमानस पर हुए विवाद पर उन्होंने कहा कि रामचरितमानस हमारा एक पवित्र ग्रंथ है और हम सबको उसमें कुछ ना कुछ सीखने के लिए मिलता है, उसमें युवाओं के लिए बुजुर्गों के लिए और माताओं बहनों के लिए सभी के लिए कुछ ना कुछ सीखने की बातें लिखी गई हैं।
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