शामली: वित्तीय वर्ष की विदाई से पहले कोषागार अलर्ट, 25 मार्च तक बिल जमा करना अनिवार्य
डीएम का निर्देश: ई-कुबेर सर्वर पर लोड बढ़ने से पहले निपटाएं भुगतान प्रक्रिया, लापरवाही पर डी़डीओ होंगे जिम्मेदार

शामली। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के क्रम में, वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति को देखते हुए शामली जनपद में सरकारी भुगतानों को लेकर नई गाइडलाइन जारी की गई है।जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने स्पष्ट किया है कि कोषागारों में ई-पेमेंट प्रणाली के प्रभावी होने के कारण अब चेक जारी करने की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। ऐसे में सभी आहरण-वितरण अधिकारियों (DDO) को निर्देशित किया गया है कि वे अपने विभागों के समस्त लंबित बिल 25 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से कोषागार में प्रस्तुत कर दें।
31 मार्च को केवल दोपहर 3 बजे तक की मोहलत
जिलाधिकारी ने समय-सारणी स्पष्ट करते हुए बताया कि 31 मार्च 2026 को वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन होने के कारण विशेष दबाव रहता है। इस दिन बिल प्रस्तुत करने के लिए दोपहर 15:00 बजे (3 बजे) तक का समय निर्धारित किया गया है, ताकि शाम 17:00 बजे (5 बजे) तक कोषागार द्वारा ई-कुबेर पोर्टल पर ट्रांजेक्शन अप्रूवल की प्रक्रिया पूर्ण की जा सके। इसके बाद पोर्टल स्वतः बंद हो जाएगा और किसी भी प्रकार का भुगतान संभव नहीं होगा।
ई-कुबेर सर्वर और बजट लैप्स का खतरा
प्रशासन ने आगाह किया है कि मार्च के अंतिम दिनों में प्रदेश भर से बिलों की संख्या अत्यधिक होने के कारण 'ई-कुबेर' (सेंट्रल सर्वर) की गति अक्सर धीमी हो जाती है। यदि अंतिम क्षणों का इंतजार किया गया, तो तकनीकी बाधाओं के कारण भुगतान अटक सकता है और आवंटित बजट कालातीत (Lapse) हो सकता है। 26 मार्च के बाद केवल उन्हीं बिलों पर विचार होगा जिनका बजट आवंटन 25 मार्च या उसके बाद प्राप्त हुआ हो।
अधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी
डीएम ने सख्त लहजे में कहा है कि यदि समय पर बिल प्रस्तुत न करने के कारण किसी विभाग का बजट लैप्स होता है या भुगतान में देरी होती है, तो इसके लिए संबंधित विभाग के आहरण-वितरण अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे। पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों को ऑनलाइन बिल प्रस्तुतीकरण प्रणाली का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

टिप्पणियां