टी20 वर्ल्ड कप: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत ने बनाया तीसरा न्यूनतम स्कोर, सेमीफाइनल की राह हुई मुश्किल
अहमदाबाद। भारतीय क्रिकेट टीम और दक्षिण अफ्रीका के बीच रविवार को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टी20 विश्व कप 2026 का सुपर-8 का मुकाबला खेला गया। भारतीय टीम को इस मैच में बड़ी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही भारतीय टीम का 2022 टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में इंग्लैंड से मिली हार के बाद से चला आ रहा विजय क्रम टूट गया।
भारतीय टीम को जीत के लिए दक्षिण अफ्रीका ने 188 रन का लक्ष्य दिया था। बड़े स्कोर के दबाव में भारतीय टीम बिखर गई। टीम इंडिया महज 111 रन पर सिमट गई और 76 रन से मैच गंवा बैठी। टी20 विश्व कप इतिहास में रनों के लिहाज से भारतीय टीम की यह सबसे बड़ी हार है। 111 का स्कोर भारतीय टीम का विश्व कप के इतिहास में तीसरा सबसे न्यूनतम स्कोर भी है। भारतीय टीम का टी20 विश्व कप में सबसे छोटा स्कोर 79 है। टीम इंडिया टी20 विश्व कप 2016 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अहमदाबाद में ही 79 रन पर सिमट गई थी। इसके बाद टी20 विश्व कप 2021 में भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ 110 रन बना सकी थी। टी20 विश्व कप में भारतीय टीम का चौथा न्यूनतम स्कोर 118 है। यह स्कोर 2009 में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बनाया था।
पांचवां न्यूनतम स्कोर पाकिस्तान के खिलाफ टी20 विश्व कप 2024 में आया था। टीम इंडिया तब न्यूयॉर्क में 119 रन पर सिमट गई थी। हालांकि, उस मैच में भारतीय टीम विजयी रही थी। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सुपर-8 के अपने पहले मुकाबले में बड़ी हार का सामना करने वाली टीम इंडिया के लिए सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो गई है। टीम इंडिया का रन रेट माइनस में चला गया है। सेमीफाइनल में जगह बनाने की किसी भी संभावना को बरकरार रखने के लिए भारतीय टीम को जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले अगले दो मैचों में बड़ी जीत दर्ज करनी होगी। जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच 26 फरवरी को चेन्नई में और वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच 1 मार्च को कोलकाता में खेला जाएगा।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रविता ढांगे 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और डिजिटल न्यूज़ डेस्क के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 'समाचार टुडे' से की थी, जहाँ उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों और न्यूज़ ऑपरेशन्स के बुनियादी सिद्धांतों को सीखा।
रविता ढांगे की सबसे बड़ी विशेषता उनकी मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि है; उन्होंने BCA, PGDCA और MCA (Master of Computer Applications) जैसी उच्च डिग्रियां प्राप्त की हैं। उनकी यह तकनीकी विशेषज्ञता ही 'रॉयल बुलेटिन' को डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। वर्ष 2022 से संस्थान का अभिन्न हिस्सा रहते हुए, वे न केवल खबरों के संपादन में निपुण हैं, बल्कि न्यूज़ एल्गोरिदम और डेटा मैनेजमेंट के जरिए खबरों को सही दर्शकों तक पहुँचाने में भी माहिर हैं। वे पत्रकारिता और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के बेहतरीन संगम का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे पोर्टल की डिजिटल रीच और विश्वसनीयता में निरंतर वृद्धि हो रही है।

टिप्पणियां