श्रीलंका नौसेना की बड़ी कार्रवाई: पंबन के 12 मछुआरे गिरफ्तार, दो नावें जब्त, सीमा उल्लंघन का आरोप
रामेश्वरम। श्रीलंका की नौसेना ने तमिलनाडु के 12 मछुआरों को पंबन में गिरफ्तार किया है। इससे क्षेत्र के मछुआरों मेंआक्रोश पैदा हो गया है। बताया गया है कि 12 मछुआरे बंदरगाह से अनुमति लेकर मछली पकड़ने समुद्र में गए थे। इन लोगों को धनुषकोडी और थलाइमन्नार बीच के पास आई श्रीलंका की नौसेना ने इनकी मोटरबोट को दबोचते हुए गिरफ्तार कर लिया। उन्हें मन्नार नौसैनिक शिविर ले जाने की योजना बनाई गई है।
कच्चतीवु उत्सव के आयोजन से पहले 12 मछुआरों की गिरफ्तारी की एआईटीयूसी मछुआरा संघ ने कड़ी निंदा की है। संघ के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष सेंथिलवेल ने बयान में कहा कि रामेश्वरम और मंडपम क्षेत्रों से मछली पकड़ने गए 12 मछुआरों को कच्चतीवु और नेदुंथीवु के पास मछली पकड़ते समय श्रीलंकाई नौसेना ने घेरकर गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी से मछुआरा गांवों में भारी आक्रोश फैल गया है।
ये भी पढ़ें 'यादव जी की लव स्टोरी' पर बोले अखिलेश यादव: "भाजपा नफरत की पटकथा लिखती है, हम दिलों को जोड़ने की"उल्लेखनीय है कि हाल ही में मछुआरों की गिरफ्तारी के मुद्दे पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने केंद्रीय विदेशमंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा था कि मछुआरों की गिरफ्तारियां लगातार जारी हैं और इससे तटीय क्षेत्रों में रहने वाले मछुआरा परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। तमिलनाडु और पुडुचेरी के मछुआरे जब मन्नार की खाड़ी और पाक जलडमरूमध्य क्षेत्र में मछली पकड़ते हैं, तो श्रीलंकाई नौसेना द्वारा उन्हें गिरफ्तार किया जाना आम बात हो गई है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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