मुज़फ्फरनगर में प्रकाश चौक स्थित रूप फर्नीचर शोरूम पर जीएसटी विभाग का छापा; ₹2.50 लाख का जुर्माना
कच्ची पर्ची पर माल बेचकर वसूल रहे थे जीएसटी; ट्रेडिंग फर्म के नाम पर निर्माण के दस्तावेज मिलने से विभाग सतर्क
मुजफ्फरनगर। शहर के व्यस्ततम प्रकाश चौक स्थित प्रसिद्ध 'रूप फर्नीचर' शोरूम पर स्टेट जीएसटी विभाग की एसआईबी विंग ने बड़ी छापेमारी की है। ग्राहक की शिकायत पर हुई इस कार्रवाई में विभाग ने जीएसटी चोरी और स्टॉक में भारी अंतर पाया है। प्राथमिक जांच के आधार पर मौके पर ही ढाई लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिसमें से दो लाख रुपये संचालकों ने तत्काल जमा कर दिए हैं।
कच्ची पर्ची ने खोला धोखाधड़ी का खेल
ये भी पढ़ें 'यादव जी की लव स्टोरी' पर बोले अखिलेश यादव: "भाजपा नफरत की पटकथा लिखती है, हम दिलों को जोड़ने की"मामले की शुरुआत तब हुई जब शहर के एक नागरिक ने रूप फर्नीचर से कुर्सियां और अन्य सामान खरीदा। आरोप है कि शोरूम संचालकों ने ग्राहक को पक्का बिल देने के बजाय कच्ची पर्ची पर बिलिंग की, लेकिन उससे जीएसटी की पूरी धनराशि वसूल ली। ग्राहक ने इस हेराफेरी की शिकायत सीधे स्टेट जीएसटी विभाग से कर दी। ज्वाइंट कमिश्नर (SIB) सिद्धेश दीक्षित के निर्देश पर उपायुक्त मनोज शुक्ला के नेतृत्व में टीम ने शनिवार देर शाम शोरूम पर धावा बोल दिया।
स्टॉक में मिला 10 लाख का अंतर
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर में 24 बीघा तालाब की जमीन पर भू-माफिया का कब्जा, तहसीलदार भी 'कब्जे' की साजिश में शामिल ?विभागीय जांच के दौरान टीम को शोरूम से बड़ी संख्या में कच्ची पर्चियां बरामद हुईं। जब वहां मौजूद स्टॉक का मिलान कागजी प्रपत्रों से किया गया, तो करीब 10 लाख रुपये के माल का अंतर पाया गया। इसी गड़बड़ी और टैक्स चोरी के एवज में विभाग ने 2.50 लाख रुपये की पेनाल्टी और जीएसटी निर्धारित की।
ट्रेडिंग फर्म के नाम पर मिला निर्माण का सुराग
जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य यह भी सामने आया कि 'रूप फर्नीचर' केवल ट्रेडिंग (खरीद-बिक्री) के लिए पंजीकृत है, लेकिन मौके से फर्नीचर निर्माण करने वाली कंपनियों के प्रपत्र और संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। इससे संदेह गहरा गया है कि फर्म गुपचुप तरीके से मैन्युफैक्चरिंग की कड़ियों से भी जुड़ी है।
बढ़ सकती है जुर्माने की रकम
एसआईबी विंग के उपायुक्त मनोज शुक्ला ने बताया कि शोरूम से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि माल की सप्लाई चेन और इनपुट्स की गहराई से जांच की जा रही है। यदि निर्माण गतिविधियों और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) में और खामियां मिलती हैं, तो जुर्माने की यह धनराशि काफी बढ़ सकती है।
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मुज़फ्फरनगर के वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप त्यागी पिछले दो दशकों (20 वर्ष) से रॉयल बुलेटिन परिवार के एक अटूट और विश्वसनीय स्तंभ हैं। दो दशकों के अपने इस लंबे सफर में आपने मुज़फ्फरनगर की हर छोटी-बड़ी राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक हलचल को बेहद करीब से देखा और अपनी लेखनी से जनता की आवाज़ बुलंद की है। वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में जिला प्रभारी की ज़िम्मेदारी निभा रहे श्री त्यागी अपनी ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए पूरे जिले में पहचाने जाते हैं। जिले की खबरों, जन-समस्याओं और संवाद हेतु आप उनसे मोबाइल नंबर 9027803022 पर संपर्क कर सकते हैं।

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