साइबर ठगी का खौफ: पैसे गंवाने के बाद युवक ने किया सुसाइड का प्रयास, अस्पताल में भर्ती
उरई। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले की कोतवाली क्षेत्र में रविवार को साइबर फ्रॉड के चंगुल में फंसे एक युवक ने न्याय न मिलने और दलालों के कथित दबाव से क्षुब्ध होकर फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की। उसका इलाज उरई के राजकीय मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
कालपी कोतवाली क्षेत्र की कदौरा का रहने वाला पीड़ित फैजान अहमद साइबर अपराधियों के झांसे में आ गया था। अहसान नाम के ठग ने उसे कमीशन का लालच दिया और हमीरपुर स्थित एक्सिस बैंक में एक ज्वाइंट खाता खुलवाया। इस खाते के जरिए करीब चार करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया। मोटी रकम ट्रांसफर होने के बाद साइबर ठगों ने युवक को उसका हिस्सा देने के बजाय पूरी रकम का गबन कर लिया। ठगी का शिकार होने के बाद युवक ने न्याय की उम्मीद में पुलिस का दरवाजा खटखटाया था।
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आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद न्याय मिलने के बजाय युवक 'पुलिस के दलालों' के निशाने पर आ गया। पीड़ित के पिता कल्लू ने बताया कि कुछ बिचौलिए और दलाल मामले को रफा-दफा करने और "सेटलमेंट" के नाम पर युवक पर लगातार पैसों का दबाव बना रहे थे। इस पूरी घटना में एक कथित ऑडियो क्लिप भी सामने आई है, जिसमें दलाल और पीड़ित युवक के बीच बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। इस ऑडियो में मामले को निपटाने के बदले रुपयों की मांग की जा रही है। इसी मानसिक दबाव और आर्थिक तंगी के चलते युवक ने घर पर फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की। परिजनों ने युवक को फंदे पर लटकता देख तत्काल नीचे उतारा और गंभीर हालत में राजकीय मेडिकल कॉलेज, उरई में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार युवक की हालत चिताजनक बनी हुई है।कोतवाली प्रभारी अजय ब्रह्म तिवारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है, दोषियों के खिलाफ विधिक कार्यवाही की जाएगी।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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