भारतीय नौसेना की बढ़ेगी समुद्री ताकत: चेन्नई में शामिल होगा 'डॉल्फिन हंटर' अंजदीप
आत्मनिर्भर भारत का गौरव: स्वदेशी तकनीक से लैस तीसरा ASW-SWC युद्धपोत 27 फरवरी को होगा बेड़े में शामिल
चेन्नई: भारतीय नौसेना अपनी पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW) क्षमताओं को और अधिक धार देने के लिए तैयार है। आगामी 27 फरवरी, 2026 को चेन्नई बंदरगाह पर आयोजित होने वाले एक विशेष समारोह में 'अंजदीप' युद्धपोत को औपचारिक रूप से पूर्वी नौसेना कमान में शामिल किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर की अध्यक्षता नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी करेंगे।
स्वदेशी डिजाइन का उत्कृष्ट नमूना एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW-SWC) परियोजना के तहत निर्मित यह तीसरा पोत 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को सिद्ध करता है। कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) द्वारा निर्मित अंजदीप को विशेष रूप से उथले और तटीय जल क्षेत्रों की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए बनाया गया है। 77 मीटर लंबा यह पोत उच्च गति वाली वाटर-जेट प्रोपल्सन प्रणाली से लैस है, जो इसे 25 समुद्री मील की अधिकतम रफ्तार प्रदान करती है।
दुश्मन की पनडुब्बियों के लिए काल: 'डॉल्फिन हंटर' अंजदीप को 'डॉल्फिन हंटर' के रूप में विकसित किया गया है। इसका मुख्य कार्य तटीय क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाना, उनका पीछा करना और उन्हें निष्क्रिय करना है। यह स्वदेशी 'अभय' हल माउंटेड सोनार, हल्के टॉरपीडो और पनडुब्बी रोधी रॉकेटों जैसे अत्याधुनिक हथियारों से सुसज्जित है। अपनी प्राथमिक भूमिका के अलावा, यह फुर्तीला युद्धपोत तटीय निगरानी, कम तीव्रता वाले समुद्री अभियान (LIMO) और खोज एवं बचाव कार्यों में भी अत्यंत प्रभावी है।
ये भी पढ़ें शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से पूछताछ: वाराणसी पहुँची झूंसी पुलिस, POCSO केस में कार्रवाईसामरिक महत्व कारवार तट के ऐतिहासिक द्वीप के नाम पर रखा गया यह पोत तमिलनाडु और पुडुचेरी सहित देश के विशाल समुद्री हितों की रक्षा करेगा। यह कदम भारतीय नौसेना को एक शक्तिशाली 'निर्माता नौसेना' (Builder's Navy) के रूप में वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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