'मन की बात' में पीएम मोदी ने कहा, 'एआई समिट में दुनिया ने देखीं भारत की अद्भुत क्षमताएं'
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसमें दुनिया ने भारत की अद्भुत क्षमताएं देखी हैं। उन्होंने कहा कि एआई की शक्ति के उपयोग की दिशा में यह समिट एक टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ है। 'मन की बात' कार्यक्रम के 131वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "'मन की बात' देश और देशवासियों की उपलब्धियों को सामने लाने का एक मजबूत प्लेटफॉर्म है। देश ने ऐसी ही उपलब्धि अभी दिल्ली में हुई 'एआई इम्पैक्ट समिट' के दौरान देखी। कई देशों के नेता, उद्योग जगत के लीडर्स, इनोवेटर्स और स्टार्ट-अप सेक्टर से जुड़े लोग इस समिट के लिए भारत मंडपम में एकत्र हुए। आने वाले समय में एआई की शक्ति का उपयोग दुनिया किस प्रकार करेगी, इस दिशा में यह समिट एक टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ है।"
ये भी पढ़ें बिजनौर में मतदाता पुनरीक्षण के लिए 22 फरवरी को विशेष अभियान दिवस, सभी बूथों पर तैनात रहेंगे बीएलओपीएम मोदी ने अपने अनुभव शेयर करते हुए कहा, "समिट में मुझे वैश्विक नेताओं और टेक सीईओ से मिलने का भी अवसर मिला। एआई समिट की प्रदर्शनी में मैंने वैश्विक नेताओं को ढ़ेर सारी चीजें दिखाईं।" उन्होंने कहा, "समिट में दो प्रोडक्ट ने दुनिया भर के नेताओं को बहुत प्रभावित किया। पहला प्रोडक्ट अमूल के बूथ पर था। इसमें बताया गया कि कैसे एआई जानवरों का इलाज करने में हमारी मदद कर रही है और कैसे एआई असिस्टेंट की मदद से किसान अपनी डेयरी और जानवर का हिसाब रखते हैं।" प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, "दूसरा प्रोडक्ट हमारी संस्कृति से संबंधित था। दुनिया भर के लीडर्स ये देखकर हैरत में पड़ गए कि कैसे एआई की मदद से हम हमारे प्राचीन ग्रंथों और हमारे प्राचीन ज्ञान को हमारी पांडुलिपियों को संरक्षित कर रहे हैं, आज की पीढ़ी के अनुरूप ढ़ाल रहे हैं।" '
मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा, "प्रदर्शनी के दौरान डिस्प्ले के लिए सुश्रुत संहिता का चयन किया गया। पहले स्टैप में दिखाया गया कि कैसे टेक्नोलॉजी की मदद से हम पांडुलिपियों की इमेज क्वालिटी सुधारकर उन्हें पढ़ने लायक बना रहे हैं। दूसरे स्टैप में इस तस्वीर को मशीन के पढ़ने लायक टेक्स्ट में बदला गया।" देशवासियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस समिट में दुनिया को एआई के क्षेत्र में भारत की अद्भुत क्षमताएं देखने को मिली हैं। उन्होंने बताया कि भारत ने तीन 'मेड इन इंडिया' एआई मॉडल भी लॉन्च किए। यह अपने आप में अब तक का सबसे बड़ा एआई समिट रहा है। इस समिट को लेकर युवाओं का जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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