मन की बात में पीएम मोदी ने छात्रों को दिया सफलता का मंत्र, कहा- 'मार्कशीट से तय नहीं होता आपका मूल्य'
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए रविवार को छात्रों और युवाओं से विशेष संवाद किया। उन्होंने कहा कि आपका मूल्यांकन सिर्फ मार्कशीट से तय नहीं होता, परीक्षा में परेशान नहीं होना चाहिए। 'मन की बात' के 131वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि आपने इस महीने की शुरुआत में 'परीक्षा पे चर्चा' देखी होगी और उससे कुछ सीखा होगा। आप परीक्षा योद्धा हैं। मुझे यकीन है कि आप सभी पूरे मन से अपनी परीक्षा की तैयारी कर रहे होंगे।" पीएम मोदी ने कहा, "हां, ऐसे समय में मन में थोड़ी शंका आना भी स्वाभाविक है। कभी लगता है, सब याद रहेगा या नहीं रहेगा।
ये भी पढ़ें अमेरिका-ईरान तनाव से सोना-चांदी बेकाबू, ₹2.50 लाख के पार पहुंची चांदी, सोने में भी आई तेज़ी कभी लगता है, समय कम तो नहीं पड़ जाएगा ना! ये भाव हर पीढ़ी के बच्चों ने महसूस किए हैं, आप अकेले नहीं हैं। याद रखिए, आपका मूल्य आपकी मार्कशीट से तय नहीं होता। इसलिए खुद पर भरोसा रखिए। जो पढ़ा है, उसे पूरे मन से लिखिए। और जो नहीं आया, उस एक सवाल को अपने मन पर हावी मत होने दीजिए।" प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि अपने माता-पिता और शिक्षकों से बात करते रहिए। वे आपके नंबरों से नहीं, आपके प्रयास से आपकी पहचान करते हैं, वे आपकी मेहनत से खुश रहते हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि आप परीक्षा में भी सफल होंगे और अपने जीवन में भी सफलता की नई ऊंचाई प्राप्त करेंगे। इसलिए बिना परेशान हुए परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे हर महीने ‘मन की बात’ के लिए आपके ढ़ेरों सुझाव मिलते हैं।
आपके भेजे गए संदेशों से हमें देश के कोने-कोने में छिपी अद्भुत प्रतिभाओं के बारे में पता चलता है। निजी स्वार्थ से उठकर समाज के लिए कुछ करने की अनेक प्रेरणादायी गाथाएं आपके माध्यम से देशभर के लोगों तक पहुंची हैं। आप ऐसे ही अपने प्रयास जारी रखें। मुझे आपके संदेशों का इंतजार रहेगा। मैं एक बार फिर आपको और आपके परिवार को आने वाले त्योहारों की अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं। बता दें कि यह कार्यक्रम का 131वां एपिसोड है और वर्ष 2026 का दूसरा प्रसारण है। हर महीने के अंतिम रविवार को प्रसारित होने वाला यह कार्यक्रम देशवासियों के लिए विशेष महत्व रखता है। मन की बात’ केवल एक संबोधन नहीं, बल्कि जन-जन से जुड़ने का सशक्त माध्यम बन चुका है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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