संभल में श्रीहरिहर मंदिर–शाही जामा मस्जिद विवाद की सुनवाई फिर टली, अब 24 मार्च 2026 को अगली तारीख
संभल के श्रीहरिहर मंदिर बनाम शाही जामा मस्जिद विवाद मामले की सुनवाई एक बार फिर टल गई है। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी स्थगन आदेश के कारण लिया गया है। अब इस बहुचर्चित मामले की अगली सुनवाई 24 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है। इस मामले को लेकर दोनों पक्षों के साथ-साथ प्रशासन भी गंभीरता से नजर बनाए हुए है।
जिला न्यायालय में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मंगलवार को चंदौसी कोतवाली क्षेत्र स्थित जिला न्यायालय संभल में सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह की अदालत में इस मामले की सुनवाई प्रस्तावित थी। सुनवाई के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा। न्यायालय परिसर के मुख्य द्वार पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और सघन चेकिंग के बाद ही लोगों को अंदर प्रवेश दिया जा रहा था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के स्थगन आदेश के चलते अदालत में इस मामले पर कोई सुनवाई नहीं हो सकी और अगली तिथि निर्धारित कर दी गई।
हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिया हवाला
हिंदू पक्ष के अधिवक्ता श्रीगोपाल शर्मा ने बताया कि ‘हरिशंकर जैन बनाम भारत सरकार’ मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा कार्यवाही पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च न्यायालय के इस आदेश के कारण निचली अदालत में इस मामले से संबंधित किसी भी प्रकार की सुनवाई या आगे की कार्यवाही संभव नहीं थी। उन्होंने कहा कि अब सभी पक्ष सुप्रीम कोर्ट के अगले निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं।
वक्फ बोर्ड ने पक्षकार बनने के लिए दिया आवेदन
सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने भी इस मामले में पक्षकार बनने के लिए अदालत में आवेदन प्रस्तुत किया है। अदालत ने इस आवेदन को रिकॉर्ड पर ले लिया है, हालांकि इस पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। यह घटनाक्रम इस मामले को और अधिक संवेदनशील और महत्वपूर्ण बना रहा है।
मस्जिद पक्ष पर कार्यवाही में देरी का आरोप
हिंदू पक्ष के अधिवक्ता श्रीगोपाल शर्मा के अनुसार अन्य सभी पक्षकारों ने अदालत में अपना लिखित बयान प्रस्तुत कर दिया है, जबकि मस्जिद पक्ष द्वारा अभी तक लिखित बयान दाखिल नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मस्जिद पक्ष के पास पर्याप्त साक्ष्यों का अभाव है और वे केवल मुकदमे की कार्यवाही को लंबा खींचने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि यह आरोप अदालत में अभी विचाराधीन है।
मस्जिद पक्ष ने भी स्थगन आदेश की पुष्टि की
मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता शकील अहमद वारसी ने भी पुष्टि की कि सुप्रीम कोर्ट के स्थगन आदेश के कारण फिलहाल इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि अदालत द्वारा अगली सुनवाई की तारीख 24 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। इस बीच, दोनों पक्ष आगामी सुनवाई की तैयारी में जुटे हुए हैं और इस मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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