बिजनौर: मार्ग निर्माण नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने मंदिर प्रांगण में शुरू किया धरना प्रदर्शन
बिजनौर | कावड़ यात्रियों की परेशानी को देखते हुए शिव मंदिर कंभौर के मैदान में सड़क निर्माण नहीं कराये जाने से नाराज ग्रामीणों ने गांव के मन्दिर प्रांगण में ही अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है |
बिजनौर थाना कोतवाली शहर में चांदपुर की चुंगी से सिरधनी कंभौर गंदासपुर छोईया नंगली फतेहपुर झाल होते हुए उलेढा जाकर गंज चांदपुर रोड में मिल जाता है इस रोड की लंबाई लगभग 14 किलोमीटर है हर साल इस रोड़ पर जिला बिजनौर तहसील चांदपुर अमरोहा अलीगढ़ बुलंदशहर और हापुड़ जिले की कावड़ यात्रा जाती हैं लगभग 6 महीने से सरकारी काम के नाम पर ओवरलोड मिट्टी से भरे डंपरों की वजह से रोड टूट कर पूरी तरह लगभग खत्म हो चुकी है जिसकी वजह से रोड़ में गहरे गहरे गड्ढे और कीचड़ की वजह से कावड़ यात्रियों का चलना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। लगभग एक हफ्ता पहले प्रशासन को अवगत कराया गया उसके बावजूद भी कोई संज्ञान नहीं लिया गया, जिससे नाराज गांव वासियों ने शिव मंदिर कंभौर के मैदान में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है, ग्रामीणों की मांग है कि मार्ग का मरम्मत शीघ्र कराया जाये, ताकि कावड़ यात्रियों को यात्रा करने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े |
धरना स्थल पर रामेंद्र सिंह, निपेतेंद्र कुमार, सुभाष सिंह, योगेश सिंह, अमित कुमार, राहुल, देवेंद्र सिंह राठी, गौरव चौधरी, अजय कुमार राणा, सुखबीर सिंह, सोमपाल, मोहम्मद जाहिद, विनय राणा एडवोकेट, नरदेव सिंह राठी, हरिओम सिंह, आकेंद्रपाल सिंह, उदय कुमार, प्रेम, हिमांशु राणा सिंह, नजाकत अली कंभौर आदि मौजूद थे |
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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