बुलंदशहर: शिखा गौतम का IAS बनने का दावा निकला महाझूठ, DM की जांच में खुली पोल
परिवार ने मांगी सार्वजनिक माफी
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में 'सफलता' के एक जश्न ने उस वक्त शर्मिंदगी का रूप ले लिया, जब एक युवती द्वारा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास करने का दावा फर्जी पाया गया। जिलाधिकारी (DM) की जांच में खुलासा हुआ कि युवती ने न केवल समाज, बल्कि अपने परिवार और प्रशासन को भी गुमराह किया।
कैसे शुरू हुआ झूठ का सिलसिला?
खुर्जा क्षेत्र की रहने वाली शिखा गौतम ने हाल ही में दावा किया था कि उसने UPSC की सिविल सेवा परीक्षा में 94वीं रैंक हासिल की है और वह IAS बन गई है। इस खबर के फैलते ही शिखा के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। स्थानीय नेताओं और सामाजिक संस्थाओं ने उसका फूल-मालाओं से स्वागत किया और मिठाई बांटी गई। जब शिखा के चयन की खबर जिला प्रशासन तक पहुंची, तो प्रोटोकॉल के तहत सत्यापन (Verification) की प्रक्रिया शुरू की गई।
DM की जांच में हुआ बड़ा खुलासा
जिलाधिकारी चन्द्र प्रकाश सिंह ने जब UPSC की आधिकारिक लिस्ट से शिखा के रोल नंबर और नाम का मिलान करवाया, तो सच्चाई सामने आई ।
ये भी पढ़ें होली के बाद कानपुर में रंगों का ऐतिहासिक गंगा मेला शुरू, गलियों में रंग और उल्लास का दिख रहा नजाराजांच में पाया गया कि शिखा गौतम ने परीक्षा तो दी थी, लेकिन वह मुख्य परीक्षा (Mains) तक को पास नहीं कर पाई थी। UPSC की मेरिट लिस्ट में 94वीं रैंक पर किसी अन्य अभ्यर्थी का नाम था, जिसका शिखा से कोई संबंध नहीं था। सत्यापन के दौरान शिखा द्वारा दिखाए गए संबंधित दस्तावेज और एडमिट कार्ड में छेड़छाड़ (Tampering) की पुष्टि हुई।
परिवार ने मांगी सार्वजनिक माफी
झूठ पकड़े जाने के बाद शिखा के परिवार की भारी किरकिरी हुई है। शिखा के पिता ने हाथ जोड़कर प्रशासन और जनता से माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि बेटी के झूठ के कारण उन्हें इस अपमान का सामना करना पड़ रहा है और वे खुद अंधेरे में थे। जांच के बाद से शिखा मीडिया और जनता के सामने आने से बच रही है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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