महोबा में शव दफनाने को लेकर विवाद, भाजपा नेता समेत 17 पर शांति भंग की कार्रवाई
महोबा। उत्तर प्रदेश में महोबा जिले के श्रीनगर क्षेत्र अंतर्गत सिजहरी गांव में शव दफनाने को लेकर उपजे विवाद के बाद पुलिस ने रविवार को भाजपा के एक बड़े नेता सहित 17 ग्रामीणों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की है। पुलिस उपाधीक्षक ए.के. सिंह ने बताया कि हल्का इंचार्ज हरचरण गौतम की रिपोर्ट के आधार पर सिजहरी ग्राम प्रधान एवं भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष नरेश राजपूत सहित अन्य नामित ग्रामीणों को विवाद उत्पन्न करने का दोषी मानते हुए बीएनएस की धारा 126/135 के तहत चालान किया गया है। हालांकि ग्रामीणों ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए उपनिरीक्षक की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
ज्ञातव्य है कि सिजहरी गांव में शुक्रवार को बीमारी से मृत 32 वर्षीय मुस्लिम महिला मदीना के शव को दफनाने के बाद विवाद शुरू हो गया था। ग्रामीणों के एक पक्ष ने संबंधित भूमि को सरकारी खेल मैदान बताते हुए शव को वहां से हटाकर निर्धारित कब्रिस्तान में दफनाने की मांग की थी। मामले में विश्व हिंदू परिषद और हिंदू जागरण मंच द्वारा सिजहरी कूच का ऐलान किए जाने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया था।
पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि उपजिलाधिकारी शिव ध्यान पांडेय की मौजूदगी में विवाद सुलझाने के लिए राजस्व कर्मियों से भूखंड की पैमाइश कराई गई, जिसमें संबंधित भूमि को सरकारी पाया गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौता कराकर विवाद का निपटारा कराया गया। हालांकि हल्का इंचार्ज द्वारा ग्राम प्रधान समेत अन्य ग्रामीणों पर शांति भंग की कार्रवाई किए जाने से गांव में नया विवाद खड़ा हो गया है, जिसे सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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