धर्म परिवर्तन के बाद उत्कर्षा से फातिमा बनी युवती का शव संदिग्ध हालत में मिला, इलाके में सनसनी
हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के बिवार थाना क्षेत्र के बिगहना गांव में उत्कर्षा से फातिमा बनी महिला शुक्रवार को घरेलू कलह से फांसी पर झूल गई। सीओ मौदहा ने पहुंचकर जांच पड़ताल की। बिवार थाना क्षेत्र के बिगहना गांव का मुर्तजा उर्फ तज्जू पुत्र मुस्ताक अहमद महाराष्ट्र में मजदूरी करता था । वहीं बगल में 20 वर्षीय उत्कर्षा पुत्री सुनील सकपाल होटल में कार्य करती थी। दोनों का प्रेम प्रसंग हो जाने पर मुतर्जा ने उत्कर्षा से शादी कर ली थी और उसे लेकर मुतर्जा उसे लेकर बिगहना गांव गया । यहां उसका नाम उत्कर्षा से फातिमा हो गया।
मुर्तजा की पारा गांव और बिगहना गांव में चिकन की दुकान है, जिसमें सास और पति अलग-अलग बैठते हैं। आज फातिमा ने खपरैल की ढाणी में दुपट्टा से फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फांसी के फंदे से नीचे उतारकर कब्जे में ले लिया है। शव को पीएम के लिए भेज दिया गया है । मौदहा सीओ राजकुमार पाण्डेय ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की । सीओ राजकुमार पाण्डेय ने बताया कि मृतका के शरीर में चोट के निशान नहीं पाए गए हैं । प्रथम दृष्टया आत्महत्या प्रतीत होती है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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