यौन उत्पीड़न मामला: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई
प्रयागराज। यौन उत्पीड़न के मामले में दर्ज एफआईआर और गिरफ्तारी से बचने के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। इस याचिका पर हाईकोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई होगी।
अगर हाईकोर्ट से उन्हें जमानत नहीं मिलती है तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। जानकारी के अनुसार जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की सिंगल बेंच में मामले की सुनवाई होगी और अग्रिम जमानत अर्जी में यूपी सरकार और पांच अन्य को पक्षकार बनाया गया है। हाई कोर्ट के नंबर 72 में फ्रेश कॉज लिस्ट में 142 नंबर पर केस लगा है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अधिवक्ता राजर्षि गुप्ता, सुधांशु कुमार और श्री प्रकाश के जरिए अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है, जबकि शिकायतकर्ता आशुतोष पांडेय, आरोप लगाने वाले दोनों नाबालिग पीड़ित, हाईकोर्ट लीगल सर्विस कमेटी और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को पक्षकार बनाया गया है।
बता दें कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ झूंसी थाने में यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज है। यह मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस)-2023 की धारा 351(3) के अलावा लैंगिक अपराधों से जुड़ी 6 अन्य धाराओं में दर्ज हुआ है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ शिकायत तुलसी कुंज के आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि 14 और 17 साल के दो नाबालिग लड़कों का स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आश्रम में खुद स्वामी और उनके साथियों ने एक साल से ज्यादा समय तक बार-बार यौन शोषण किया। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब दो नाबालिग पीड़ित माघ मेले के दौरान उनके (शिकायतकर्ता) पास आए, उन्हें अपने यौन शोषण के बारे में बताया और पुलिस सुरक्षा पाने में भी उनकी मदद मांगी।
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर: आधी रात शिक्षकों के धरने पर पहुंचे मंत्री कपिल देव, बीएसए की कार्यप्रणाली पर भड़केएफआईआर में शिकायतकर्ता ने दावा किया, "अविमुक्तेश्वरानंद के दोनों शिष्यों ने उन्हें बताया कि महाकुंभ 2025 और माघ मेला 2026 के दौरान भी उनके साथ यौन शोषण हुआ था। उनसे कहा गया था कि वे इसे 'गुरु सेवा' के तौर पर लें और भविष्य में उन्हें इसका लाभ मिलेगा।" आरोप लगाए गए हैं कि दोनों नाबालिगों को आश्रम में अकेले या साथ में बिना कपड़ों के सोने के लिए मजबूर किया गया। उन्हें धमकी दी गई, और फिर रात में उनका यौन शोषण किया गया। एफआईआर में यह भी दावा किया गया है, "हाल ही में माघ मेले के दौरान भी, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने नाबालिग पीड़ितों का खड़ी कार के अंदर और एक अस्थायी कैंप के अंदर भी यौन शोषण किया।"
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रविता ढांगे 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और डिजिटल न्यूज़ डेस्क के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 'समाचार टुडे' से की थी, जहाँ उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों और न्यूज़ ऑपरेशन्स के बुनियादी सिद्धांतों को सीखा।
रविता ढांगे की सबसे बड़ी विशेषता उनकी मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि है; उन्होंने BCA, PGDCA और MCA (Master of Computer Applications) जैसी उच्च डिग्रियां प्राप्त की हैं। उनकी यह तकनीकी विशेषज्ञता ही 'रॉयल बुलेटिन' को डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। वर्ष 2022 से संस्थान का अभिन्न हिस्सा रहते हुए, वे न केवल खबरों के संपादन में निपुण हैं, बल्कि न्यूज़ एल्गोरिदम और डेटा मैनेजमेंट के जरिए खबरों को सही दर्शकों तक पहुँचाने में भी माहिर हैं। वे पत्रकारिता और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के बेहतरीन संगम का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे पोर्टल की डिजिटल रीच और विश्वसनीयता में निरंतर वृद्धि हो रही है।

टिप्पणियां