यूपी: कनाडा की रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की बड़ी तैयारी, कनाडाई उच्चायुक्त की सीएम योगी से भेंट
उच्चस्तरीय बैठक में $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में भागीदारी पर चर्चा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की वैश्विक साख और निवेश के अनुकूल वातावरण का लोहा अब सात समंदर पार भी माना जा रहा है। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भारत में कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने शिष्टाचार भेंट की। वहीं उच्चस्तरीय बैठक में उत्तर प्रदेश को एक उभरते हुए 'ग्लोबल इन्वेस्टमेंट हब' के रूप में पहचानते हुए निवेश, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और कौशल विकास के क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश का केंद्र बनाने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुहिम को एक और बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलता मिली है। बुधवार को भारत में कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ का दौरा किया और राज्य के साथ रक्षा, ऊर्जा, और व्यापारिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की गहरी प्रतिबद्धता जताई। कनाडाई प्रतिनिधिमंडल का स्वागत प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और मुख्यमंत्री के सचिव अमित सिंह ने किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कनाडा की कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए राज्य की औद्योगिक क्षमता का खाका पेश किया। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और ब्रह्मोस परियोजना का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे यूपी अब रक्षा विनिर्माण का केंद्र बन रहा है।
बैठक में बुनियादी ढांचे पर प्रस्तुतीकरण
इसके पश्चात प्रतिनिधिमंडल ने 'इन्वेस्ट यूपी' मुख्यालय में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) दीपक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित एक रणनीतिक बैठक में भाग लिया। इस बैठक में उत्तर प्रदेश के मजबूत निवेश इकोसिस्टम और विकसित होते बुनियादी ढांचे पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।
रक्षा और ग्रीन एनर्जी पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान कनाडा ने उत्तर प्रदेश के डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और ब्रह्मोस मिसाइल जैसे उन्नत विनिर्माण प्रोजेक्ट्स में विशेष रुचि दिखाई। उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता अनिवार्य है और इसमें यूपी की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसके अलावा ऊर्जा क्षेत्र में ग्रीन हाइड्रोजन, एलएनजी/एलपीजी और क्रिटिकल मिनरल्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में सहयोग करने पर भी चर्चा हुई। वहीं कनाडा के प्रमुख संस्थानों और यूपी के बीच कौशल विकास व नवाचार के लिए साझेदारी को लेकर भी चर्चा हुई। कनाडा ने यूपी की एफडीआई नीति-2023 और जीसीसी नीति-2024 की सराहना की है।
दीर्घकालिक तकनीकी साझेदारी की संभावना
उच्चायुक्त कूटर ने विश्वास जताया कि तकनीकी हस्तांतरण और शैक्षणिक सहयोग से दोनों पक्षों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश में निवेश की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं, जो राज्य के 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को साकार करने में सहायक होंगी। प्रतिनिधिमंडल में रक्षा सलाहकार कर्नल स्टीफन मरे, राजनीतिक एवं आर्थिक अधिकारी रोहित शुक्ला और व्यापार आयुक्त सुमेन मंडल भी शामिल रहे, जिन्होंने यूपी के बाजार और उपभोक्ता क्षमता को वैश्विक कंपनियों के लिए अनुकूल बताया।
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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