पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर को मिली बड़ी राहत, चौक थाने के मामले में कोर्ट ने दी जमानत
लखनऊ। चौक थाने में दर्ज मामले में आजाद सेना के अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को अदालत से बड़ी राहत मिली है। जिला जज संजीव शुक्ला ने उन्हें 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया।
बर्खास्तगी के बाद उन्होंने आजाद अधिकार सेना नामक संगठन बनाया, जो देश और प्रदेश में सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं के भ्रष्टाचार और अवैध कार्यों को उजागर करता है। बचाव पक्ष ने बताया कि सोशल मीडिया पर किया गया पोस्ट किसी की मान-प्रतिष्ठा को धूमिल करने के उद्देश्य से नहीं था, बल्कि सामाजिक जांच कराने की जरूरत को ध्यान में रखकर किया गया था।
अभियोजन और वादी के पक्ष ने जमानत अर्जी का विरोध किया और आरोप लगाया कि आरोपित पर पहले से दस आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
मुकदमे की पृष्ठभूमि यह है कि बड़ी पियरी निवासी हिंदू युवा वाहिनी के नेता अंबरीष सिंह ने चौक थाने में नौ दिसंबर को शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि अमिताभ ठाकुर ने तीस नवंबर को सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर उन पर आपराधिक आरोप लगाए और कफ सिरप मामले में संलिप्तता दिखाते हुए भ्रामक जानकारी साझा की।
इस मामले में अमिताभ ठाकुर, उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद जमानत दे दी और उन्हें बंधपत्र जमा कर रिहा कर दिया गया।
