संभल। संभल जिले की तमन्ना मलिक बुर्के में कांवड़ लेकर हरिद्वार से पैदल संभल के लिए रवाना हुई हैं। शनिवार सुबह 10 बजे उनका जत्था अमरोहा पहुंचा। हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों ने फूल-मालाओं से उनका जोरदार स्वागत किया। मुस्लिम महिला की कांवड़ यात्रा ने गंगा-जमुनी तहजीब की अनोखी मिसाल कायम की। पुलिस ने सुरक्षा को लेकर अलर्ट रहते हुए जत्थे को गंतव्य की ओर रवाना किया।
तमन्ना मलिक असमोली थाना क्षेत्र के बदनपुर बेसई गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने तीन वर्ष पहले गांव के ही अमन त्यागी से प्रेम विवाह किया। तमन्ना ने शादी से पहले मन्नत मांगी थी। यदि शादी हुई तो हरिद्वार से पैदल कांवड़ लेकर आएंगी। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव का गंगा जल से अभिषेक करेंगी। इसी मन्नत को पूरा करने हेतु हरिद्वार से कांवड़ ले आईं। उनके साथ सैकड़ों कांवड़िये और परिवार के सदस्य हैं। स्थानीय पुलिस सुरक्षा प्रदान कर रही। कल महाशिवरात्रि पर क्षेमनाथ तीर्थ धाम में अभिषेक करेंगी।
अमरोहा के नौगवां सादात में जत्थे का भव्य स्वागत हुआ। हिंदू संगठनों ने पुष्प वर्षा की। बम बम भोले के नारे गूंजे। तमन्ना ने माथे पर तिलक लगाया। सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा। लोग इसे भारत की एकता का प्रतीक बता रहे। पुलिस ने संवेदनशीलता बरते हुए सुरक्षा बढ़ाई। जत्थे को आगे रवाना किया। तमन्ना ने कहा कि पति के धर्म का सम्मान करती। कांवड़ यात्रा देखकर आस्था जागी।
स्थानीय निवासियों ने इस सद्भाव की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह गंगा-जमुनी संस्कृति का जीवंत उदाहरण है। प्रशासन ने शांति बनाए रखने हेतु सतर्कता बरती। महाशिवरात्रि पर लाखों कांवड़िये हरिद्वार से लौट रहे। तमन्ना की यात्रा चर्चा का विषय बनी। परिवार ने पूर्ण समर्थन दिया। दो पुत्रियों की मां तमन्ना ने साहस का परिचय दिया। हिंदू संगठनों ने बधाई संदेश दिए। पुलिस पूरे मार्ग पर निगरानी रखेगी। अभिषेक के बाद मन्नत पूरी हो जाएगी।
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर आस्था का संगम देखने को मिला। तमन्ना ने धार्मिक सद्भावना का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। अमरोहा से असमोली मार्ग उत्साह से भरा रहा। सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना हो रही। प्रशासन सतर्कता बनाए रखेगा। यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से पूरी होगी।
टिप्पणियां