“मेरठ में पूर्व विधायक संगीत सोम और जिलाध्यक्ष राणा में मंच पर हुई तीखी बहस, अश्वनी त्यागी ने कराया मामला शांत
मेरठ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक कार्यक्रम के दौरान उस वक्त हंगामे जैसे हालात बन गए जब पूर्व विधायक संगीत सोम और जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा के बीच मंच पर ही तीखी बहस हो गई। बताया जा रहा है कि यह विवाद मंच पर बैठने की व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ था, जो देखते ही देखते पूरे कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण बन गया।
दौराला क्षेत्र के सकौती स्थित मंगलम फार्म हाउस में भाजपा की ओर से एसआईआर (सामाजिक संवाद एवं समीक्षा कार्यक्रम) को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। कार्यक्रम के लिए मंच को विशेष रूप से सजाया गया था और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित थे।
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर में भाजपा को बड़ा झटका, दो बार के पूर्व विधायक के बेटे समाजवादी पार्टी में हुए शामिलमंच पर बैठने को लेकर हुआ विवाद
ये भी पढ़ें जाइडस की वाइस चेयरपर्सन मेहा पटेल ने महिलाओं से की अपील, 'दो हाथ, तीन मिनट और एक आसान परीक्षा'कार्यक्रम शुरू होने से ठीक पहले मंच पर नेताओं को बैठाने की व्यवस्था को लेकर विवाद शुरू हो गया। पूर्व विधायक संगीत सोम ने आपत्ति जताई कि मंच पर बैठने के लिए कोई उचित प्रोटोकॉल नहीं अपनाया जा रहा। उन्होंने कहा, “एक व्यवस्था होती है, जो भी आएगा उसे मंच पर बैठा लो, यह तरीका सही नहीं है। सभी का स्वागत करना चाहिए।”
उनकी बात पर जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा ने प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई। देखते ही देखते बहस इतनी तीखी हो गई कि मंच के नीचे बैठे कार्यकर्ताओं का ध्यान भी पूरी तरह उसी ओर खिंच गया। कई कार्यकर्ताओं ने स्थिति संभालने की कोशिश की लेकिन माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
अश्वनी त्यागी के पहुंचते ही मामला शांत
इसी बीच कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अश्वनी त्यागी वहां पहुंचे। उन्होंने मंच पर चढ़कर स्थिति को भांपा और दोनों नेताओं से शांत रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि पार्टी के मंच पर इस तरह की नोकझोंक अनुचित है। अश्वनी त्यागी के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और कार्यक्रम आगे बढ़ा। हालांकि, पूरे आयोजन के दौरान दोनों नेताओं के बीच ठंडी तल्खी बनी रही।
चर्चा में रही तनातनी
इस बहस की चर्चा पूरे कार्यक्रम में और बाद में कार्यकर्ताओं के बीच जोरों से होती रही। कई भाजपा पदाधिकारी और समर्थक इसे “सम्मान और प्रोटोकॉल” से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं। वहीं कुछ का कहना है कि यह जिले में पार्टी के अंदर चल रही गुटबाजी का संकेत है।
नेताओं की प्रतिक्रिया
जब इस विषय पर पूर्व विधायक संगीत सोम से बात की गई तो उन्होंने विवाद से इंकार करते हुए कहा, “ऐसा कुछ नहीं हुआ, कार्यक्रम पूरी गरिमा के साथ संपन्न हुआ।”
वहीं जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा ने इस मामले पर टिप्पणी करने से साफ इंकार कर दिया।
भाजपा के स्थानीय नेताओं के अनुसार, यह विवाद भले ही क्षणिक था, लेकिन इससे जिले की राजनीतिक हलचल जरूर तेज हो गई है। पार्टी नेतृत्व इस पूरे मामले की जानकारी रखे हुए है और आने वाले समय में दोनों नेताओं को एक मंच पर लाने की कोशिश की जाएगी ताकि संदेश गलत न जाए।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रविता ढांगे 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और डिजिटल न्यूज़ डेस्क के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 'समाचार टुडे' से की थी, जहाँ उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों और न्यूज़ ऑपरेशन्स के बुनियादी सिद्धांतों को सीखा।
रविता ढांगे की सबसे बड़ी विशेषता उनकी मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि है; उन्होंने BCA, PGDCA और MCA (Master of Computer Applications) जैसी उच्च डिग्रियां प्राप्त की हैं। उनकी यह तकनीकी विशेषज्ञता ही 'रॉयल बुलेटिन' को डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। वर्ष 2022 से संस्थान का अभिन्न हिस्सा रहते हुए, वे न केवल खबरों के संपादन में निपुण हैं, बल्कि न्यूज़ एल्गोरिदम और डेटा मैनेजमेंट के जरिए खबरों को सही दर्शकों तक पहुँचाने में भी माहिर हैं। वे पत्रकारिता और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के बेहतरीन संगम का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे पोर्टल की डिजिटल रीच और विश्वसनीयता में निरंतर वृद्धि हो रही है।

टिप्पणियां