मेरठ: नौकरी का झांसा देकर म्यांमार ले जाकर बंधक बनाया गया युवक, सेना ने किया रेस्क्यू
मेरठ। मेरठ के युवक आशीष कुमार को थाईलैंड में नौकरी दिलाने के बहाने म्यांमार ले जाकर बंधक बना लिया। युवक को चार महीने तक बंधक बनाकर रखा गया। म्यांमार सेना ने युवक को मुक्त कराया और उसको भारतीय दूतावास को सौंपा जहां से उसको वापस भेजा गया। मेरठ पहुंचते ही पीड़ित युवक ने पुलिस में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के डिफेंस एन्कलेव निवासी आशीष को केशव, डेनी उर्फ शिवम निवासी देहरादून और मुंबई के असद व अज्ञात चाइनीज व विदेशी आरोपियों ने जून 2025 में थाईलैंड में नौकरी का झांसा देकर म्यांमार बुलाया। इसके बाद उसको बंधक बना लिया।
आरोपियों ने पीड़ित के फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाए और साइबर ठगी में इनका उपयोग किया। 20 अक्तूबर को म्यांमार सेना ने छापा मारा और पीड़ित को मुक्त कराया। पीड़ित युवक आशीष भारतीय दूतावास की मदद से 18 नवंबर को कंकरखेड़ा अपने घर लौटा। उसके बाद पीड़ित आशीष की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर पड़ताल शुरू की है।
सरधना रोड स्थित डिफेंस एन्क्लेव निवासी आशीष कुमार ने थाने पर दी गई तहरीर में बताया है कि उसके पिता बालेंद्र कुमार सेना से रिटायर्ड हैं। इस समय वो विद्युत विभाग में एसएसओ हैं।
आशीष ने लंदन से एमबीए किया है। मई 2025 में वह नोएडा की कंपनी में नौकरी कर रहा था। काम करने के दौरान उसकी मुलाकात केशव से हुई जो कि उत्तराखंड का रहने वाला है। केशव ने थाईलैंड की एक कंपनी में नौकरी लगवाने की बात कही। इसके बाद 20 मई को आरोपी ने टेलीग्राम पर ऑनलाइन इंटरव्यू कराया। एक जून को आशीष फ्लाइट से बैंकाक पहुंचा। एयरपोर्ट पर उतरने के बाद टैक्सी चालक आशीष को समुद्र किनारे पहुंचा। जहां से आशीष को नाव की मदद से म्यांमार ले जाया गया। यहां पर उसकी मुलाकात असद से कराई।
आरोपियों ने उसका पासपोर्ट और अन्य सामान अपने कब्जे में कर लिया और उसे बंधक बना लिया। आरोपी पीड़ित को खाना भी नहीं देते थे। आशीष से एक हफ्ते तक बात नहीं होने पर परिजनों ने भारतीय दूतावास में संपर्क किया था। भारतीय दूतावास ने म्यांमार सरकार से आशीष के संबंध में बातचीत की। जिस पर म्यांमार सेना ने कार्रवाई करते हुए उसको बंधनमुक्त कराया।
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