मेरठ में ध्वस्तीकरण से पहले मेरठ के सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को मिली बड़ी राहत, आवास विकास ने दिए नए नोटिस
मेरठ। मेरठ के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की आशंकाओं के बीच उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए नियमितिकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परिषद की ओर से प्रथम चरण में करीब अस्सी भूखंड स्वामियों को नियमितिकरण के नोटिस जारी किए गए हैं, जिससे पिछले काफी समय से चल रहा विवाद सुलझता नजर आ रहा है।
अवैध निर्माण और ध्वस्तीकरण का था डर
ये भी पढ़ें मेरठ: सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों का कलेक्ट्रेट पर हल्ला बोल, समस्याओं के समाधान के लिए दिया धरनासेंट्रल मार्केट में लंबे समय से मानचित्र के विपरीत किए गए निर्माण और भू-उपयोग परिवर्तन को लेकर आवास विकास और व्यापारियों के बीच खींचतान चल रही थी। परिषद द्वारा कई बार अवैध निर्माणों को चिन्हित कर ध्वस्तीकरण की चेतावनी दी गई थी, जिससे व्यापारियों में भारी आक्रोश और असुरक्षा का माहौल था। व्यापारियों का तर्क था कि वे वर्षों से यहां व्यापार कर रहे हैं और दुकानों के मानचित्र स्वीकृत कराने में तकनीकी अड़चनें आ रही हैं।
ये भी पढ़ें संभल एसपी केके बिश्नोई और बरेली एसपी अंशिका वर्मा जल्द करेंगे शादी, राजस्थान में होंगे सभी कार्यक्रमनोटिस के साथ नियमितिकरण का विकल्प
परिषद के अधिकारियों के अनुसार, शासन की मंशा के अनुरूप व्यापारियों को अपने निर्माण वैध कराने का एक अवसर दिया गया है। जिन अस्सी भूखंड स्वामियों को नोटिस मिले हैं, वे परिषद द्वारा निर्धारित शुल्क जमा कर अपने भवन या दुकान का नियमितिकरण करा सकेंगे। इसके लिए परिषद ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि किन शर्तों के तहत निर्माण को वैध माना जाएगा। इस कदम से न केवल व्यापारियों का रोजगार सुरक्षित होगा, बल्कि परिषद के राजस्व में भी बढ़ोत्तरी होगी।
व्यापारी संगठनों ने फैसले का किया स्वागत
आवास विकास के इस निर्णय का सेंट्रल मार्केट के व्यापारी संगठनों ने स्वागत किया है। व्यापारियों का कहना है कि वे नियम के अनुसार शुल्क जमा करने को तैयार हैं, बस उन्हें उजाड़ने के बजाय बसाने की नीति पर काम किया जाए। हालांकि, कुछ व्यापारियों ने शुल्क की दरों को लेकर पुनर्विचार करने की भी मांग की है। परिषद के इस कदम के बाद अब अन्य अवैध चिन्हित क्षेत्रों के व्यापारियों में भी नियमितिकरण की उम्मीद जगी है।
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