कपसाड़ कांड: तीसरे दिन भी सुलग रहा आक्रोश, मेरठ छावनी में तब्दील; सपा डेलीगेशन को टोल पर रोका,सीमाएं सील; 10 थानों की पुलिस और RAF तैनात
मेरठ। सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण की घटना ने जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वारदात के बाद से गांव और आसपास के इलाकों में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, जबकि इस मामले ने सियासी रंग भी ले लिया है।
घटना को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। मेरठ की सभी सीमाओं पर चेकिंग बढ़ा दी गई है। कड़ी सुरक्षा जांच के चलते दौराला टोल प्लाजा पर करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया। कपसाड़ गांव में स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए दस थानों की पुलिस के साथ आरएएफ और पीएसी की तैनाती की गई है। काशी टोल प्लाजा समेत अन्य प्रमुख मार्गों पर भी भारी पुलिस बल मौजूद है।
इधर, राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। भाजपा नेता संगीत सोम और हरेंद्र मलिक कपसाड़ गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। वहीं भीम आर्मी प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने गाजियाबाद में ही रोक लिया। उन्हें मेरठ आने की अनुमति नहीं दी गई। इस दौरान गाजीपुर बॉर्डर पर चंद्रशेखर आजाद और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में वह पैदल आगे बढ़ते दिखे और फिर गाड़ी में बैठकर मेरठ की ओर रवाना हो गए, जबकि गाजियाबाद पुलिस उन्हें रोकने में असफल रही।
दूसरी ओर, पीड़ित परिवार के समर्थन में अन्य गांवों से आ रही महिलाओं को सीआरपीएफ ने गांव के बाहर ही रोक दिया। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की भीड़ जुटने से हालात और बिगड़ सकते हैं, इसलिए एहतियातन यह कदम उठाया गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला भी जारी है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार से फोन पर बातचीत कर संवेदना जताई और तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया। वहीं विधायक अतुल प्रधान ने मौके पर पहुंचकर दो लाख रुपये का चेक सौंपा। कांग्रेस के पश्चिमी यूपी प्रभारी प्रदीप नरवाल ने मेरठ में कैंडल मार्च निकालने की घोषणा करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। एआईएमआईएम ने भी इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस्तीफे की मांग करते हुए तीखा बयान जारी किया है।
उधर, मृतका के परिजनों का आरोप है कि मुख्य आरोपी कंपाउंडर अब तक फरार है और अपहृत बेटी का कोई सुराग नहीं लग पाया है। परिजनों का कहना है कि बेटी की शादी तय हो चुकी थी और अब उसकी जान को गंभीर खतरा है। परिवार आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और बेटी की सकुशल बरामदगी की मांग पर अड़ा हुआ है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तेज कर दी गई है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर अपहृत लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन कपसाड़ गांव का माहौल अब भी तनावपूर्ण बना हुआ है।
