सहारनपुर: दलित महिला हत्या के बाद मेरठ जाने से पहले कांग्रेस नेता अरविंद पालीवाल नजरबंद
सहारनपुर। मेरठ जनपद के कपसाड़ गांव में हुई दलित महिला की हत्या के पश्चात आज शोक संवेदना देने के लिए मेरठ कूच करने से पूर्व ही पुलिस ने उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति विभाग के महासचिव व मेरठ मंडल प्रभारी अरविंद पालीवाल को उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया।
गौरतलब है कि कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम व उत्तर प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष तनुज पुनिया का आज मेरठ पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें संवेदना देने के कार्यक्रम तय था। इसी कड़ी में आज उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति विभाग के महासचिव व मेरठ मंडल प्रभारी अरविंद पालीवाल ने भी मेरठ जाने की घोषणा की थी, जिसकी जानकारी मिलते ही पुलिस ने अरविंद पालीवाल को बीती देर रात ही उनके जनता रोड स्थित आवास पर नजरबंद कर लिया और उन्हें मेरठ नहीं जाने दिया। अरविंद पालीवाल ने इसे भाजपा सरकार की असंवेदनशीलता बताते हुए हिटलरशाही नीति भी करार दिया। अरविंद पालीवाल ने इसे भाजपा के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की असफलता से जोड़ते हुए सरकार की तानाशाही की पराकाष्ठा बताया और कहा कि सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए विपक्ष और पीड़ितों की आवाज को दबाना चाहती है।
इसी बीच सूचना मिलने पर अरविंद पालीवाल के आवास पर पहुंचे कांग्रेस जिला अध्यक्ष संदीप सिंह राणा ने पुलिस को समझाने की कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने इस कार्यवाही को वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश का पालन बताया। जिलाध्यक्ष संदीप सिंह राणा ने इस कार्रवाई को प्रदेश सरकार की दलित एवं महिला विरोधी नीति बताया। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस के नेता पीड़ित परिवार के प्रति जाकर अपनी संवेदनाएं प्रकट नहीं कर सकते और ऐसा करने से उन्हें रोका जाता है, तो यह प्रदेश की भाजपा सरकार की असंवेदनशीलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। उन्होंने इसे सत्ता के नशे में डूबी भाजपा की हिटलरशाही नीति की संज्ञा दी, जिसमें गरीबों, दलितों व पीड़ितों के लिए कोई संवेदना बाकी नहीं रह गई।
