मेरठ: न्याय के लिए दर-दर भटक रही खाकी, नौचंदी थाने में तैनात महिला पुलिसकर्मी ने लगाए गंभीर आरोप
मेरठ। उत्तर प्रदेश पुलिस में अनुशासन और न्याय की दुहाई दी जाती है, लेकिन जनपद मेरठ से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने विभाग के भीतर की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मेरठ के नौचंदी थाने में तैनात एक महिला पुलिसकर्मी ने खुद के ही विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि रक्षक ही भक्षक बन रहे हैं और उसे न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
महिला पुलिसकर्मी का आरोप है कि कार्यस्थल पर उसके साथ कथित तौर पर अन्याय और मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। इस संबंध में उसने विभाग के उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत भी सौंपी है, लेकिन आरोप है कि अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पीड़िता ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि शिकायत करने के बाद से ही उस पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा है, जिससे उसकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। महिला कर्मी ने अब मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की गुहार लगाई है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह प्रकरण अब पुलिस महकमे के आला अधिकारियों की चौखट तक पहुंच चुका है। अनुशासन के लिए पहचाने जाने वाले महकमे में एक महिला सहकर्मी द्वारा लगाए गए इन आरोपों ने खलबली मचा दी है। इस मामले में संबंधित अधिकारियों का कहना है कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है और आंतरिक जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, नौचंदी थाने का यह विवाद पुलिस गलियारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। सवाल यह उठ रहा है कि जो पुलिस दूसरों को न्याय दिलाने का भरोसा देती है, वहां तैनात एक महिला कर्मी खुद असुरक्षित और पीड़ित महसूस क्यों कर रही है? अब सभी की नजरें विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि पीड़िता को कब तक और कैसा न्याय मिल पाता है।
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