मेरठ। सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में गुरुवार सुबह दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को दहशत और आक्रोश में झोंक दिया। गांव की रहने वाली दलित महिला सुनीता की फरसे से हमला कर हत्या कर दी गई, जबकि उसकी बेटी रूबी का अपहरण कर लिया गया। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है। एहतियातन प्रशासन ने कपसाड़ गांव के सभी रास्ते सील कर दिए हैं और पीएसी, आरएएफ समेत कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
खेत से लौटते समय हमला, बेटी अगवा
पीड़ित परिवार के अनुसार, सुनीता अपनी बेटी रूबी के साथ खेत पर खाना लेकर जा रही थीं। इसी दौरान गांव के ही युवक पारस राजपूत ने युवती को जबरन उठाने की कोशिश की। मां ने विरोध किया तो आरोपी ने सुनीता पर फरसे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया और युवती को अगवा कर फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल सुनीता को अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब 5 घंटे इलाज के बाद उनकी मौत हो गई।
24 घंटे बाद भी युवती का सुराग नहीं
घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अपहृत युवती रूबी का कोई सुराग नहीं लग सका है। इससे दलित समाज में भारी आक्रोश है। परिजनों ने साफ कहा है कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी और बेटी की सकुशल बरामदगी नहीं होती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
पीड़ित परिवार का दर्द: हाथ जोड़कर लगाई गुहार
मृतका का बेटा मनदीप अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर रोता रहा। उसने कहा,
“मेरी मां को मार दिया गया और मेरी बहन को उठा ले गए। अब हमें भी अपनी जान का डर है। साहब, मेरी बहन को वापस दिला दो।”
मनदीप की बात सुनकर मौके पर मौजूद महिलाएं फूट-फूटकर रोने लगीं। पति सत्येंद्र जाटव पत्नी के शव के पास बेसुध खड़े रहे। परिवार की आंखों के सामने बेटी की मई में शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।
गांव छावनी में तब्दील, नेताओं की एंट्री पर रोक
घटना के बाद से गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। विधायक अतुल प्रधान को गांव जाने से रोक दिया गया, जिस पर वे धरने पर बैठ गए। वहीं, नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद के कपसाड़ पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में है। बाहर से आने वाले सामाजिक संगठनों और नेताओं को भी रोका जा रहा है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
घटना ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है।
• आजाद समाज पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी ठाकुर समाज से है इसलिए उसे राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है।
• सपा विधायक अतुल प्रधान ने आरोपियों पर रासुका, बुलडोजर कार्रवाई, 50 लाख रुपये मुआवजा और एक सरकारी नौकरी की मांग की।
• सपा नेताओं ने कहा कि “अगर आरोपी किसी अन्य समाज से होता तो अब तक बुलडोजर चल गया होता।”
• वहीं, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के पदाधिकारियों ने भी घटना को निंदनीय बताते हुए त्वरित गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस का आश्वासन
एसपी देहात अभिजीत कुमार ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा का आश्वासन देते हुए कहा,
“परिवार की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। आरोपी की गिरफ्तारी और युवती की बरामदगी के लिए टीमें लगी हुई हैं।”
तनावपूर्ण हालात, पूरे इलाके में दहशत
घटना के बाद से कपसाड़ गांव और आसपास के क्षेत्रों में भय का माहौल है। दलित समाज में रोष व्याप्त है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।