संभल हिंसा में ASP अनुज चौधरी समेत 20 पुलिसकर्मियों पर FIR के आदेश, कोर्ट ने युवक को गोली मारने के आरोप में लिया कड़ा फैसला
संभल। जनपद की शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान 24 नवंबर 2024 को भड़की हिंसा के मामले में एक बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर की अदालत ने तत्कालीन सीओ संभल और वर्तमान में फिरोजाबाद के अपर पुलिस अधीक्षक (ASP ग्रामीण) अनुज चौधरी, इंस्पेक्टर अनुज तोमर सहित 20 अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं।
पुलिस प्रशासन करेगा कोर्ट के फैसले को चुनौती दूसरी ओर, संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने इस मामले में पुलिस का पक्ष रखते हुए कहा है कि हिंसा की ज्यूडिशियल इंक्वायरी (न्यायिक जांच) पहले ही संपन्न हो चुकी है, अतः यह FIR दर्ज नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला पुलिस प्रशासन कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेगा। गौरतलब है कि अनुज चौधरी संभल हिंसा के दौरान काफी चर्चा में रहे थे और हाल ही में उनका प्रमोशन होकर वे ASP बने हैं।
सर्वे के दौरान भड़की थी भीषण हिंसा बता दें कि जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर बताने के हिंदू पक्ष के दावे के बाद कोर्ट के आदेश पर 24 नवंबर को सर्वे की टीम मस्जिद पहुँची थी। इसी दौरान उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया था, जिसके बाद भड़की हिंसा में गोली लगने से 4 लोगों की मौत हो गई थी और 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इस मामले में पुलिस ने सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क सहित हजारों लोगों पर मुकदमे दर्ज किए थे। अब पुलिसकर्मियों पर FIR के आदेश ने इस पूरे प्रकरण को एक नया मोड़ दे दिया है।
