मुरादाबाद: MDA के सहायक अभियंता योगेश गुप्ता को शासन की तरफ से सख्त निर्देश, गोरखपुर में तत्काल कार्यभार ग्रहण करें वरना होगी कड़ी कार्रवाई

मुरादाबाद। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) में सहायक अभियंता के पद पर तैनात योगेश गुप्ता को शहरी नियोजन विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने उन्हें गोरखपुर में तत्काल कार्यभार ग्रहण करने का आदेश दिया है, क्योंकि उनका स्थानांतरण 11 सितंबर 2025 को ही हो चुका था। लगभग पांच माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कार्यभार न लेने पर शासन ने कड़ी चेतावनी जारी की है। बड़े अधिकारियों की कृपा से अब तक MDA में टिके हुए योगेश गुप्ता को अब या तो गोरखपुर जाकर ड्यूटी जॉइन करनी होगी या फिर विभागीय सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
शहरी नियोजन विभाग की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सहायक अभियंता योगेश गुप्ता ने 11 सितंबर 2025 को गोरखपुर में अपना स्थानांतरण स्वीकार किया था, लेकिन विभिन्न कारणों से कार्यभार ग्रहण नहीं किया। विभागीय सूत्रों के अनुसार, बड़े अधिकारियों के हस्तक्षेप से वे कई माह तक मुरादाबाद में ही बने रहे। अब शासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल अनुपालन का निर्देश दिया है। पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो विभागीय जांच, चार्जशीट और अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण में योगेश गुप्ता विभिन्न महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर कार्यरत थे, जिनमें शहर के शहरीकरण, सड़क विकास और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। उनका लंबे समय तक गोरखपुर न जाने का मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया था। विभागीय अधिकारी बताते हैं कि सरकारी नियमों के अनुसार स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद निर्धारित समयसीमा में कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होता है। योगेश गुप्ता के मामले में यह समयसीमा बहुत पहले ही समाप्त हो चुकी है, जिससे प्रशासनिक अखंडता पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय इंजीनियरिंग सर्कल में इस मामले ने हड़कंप मचा दिया है। अन्य अधिकारियों के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि क्या बड़े अधिकारियों का दबाव अब भी जारी रहेगा या शासन के सख्त निर्देशों का पालन होगा। गोरखपुर में शहरी विकास प्राधिकरण को योगेश गुप्ता जैसे अनुभवी अभियंता की आवश्यकता है, खासकर वहां चल रहे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स और अन्य विकास योजनाओं के लिए। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने भी उनके स्थान पर नए अभियंता की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
शासन के इस सख्त रुख से सरकारी सेवा में अनुशासन और नियमों का पालन सुनिश्चित करने का संदेश गया है। सहायक अभियंता योगेश गुप्ता को अब अंतिम मौका दिया गया है। यदि वे गोरखपुर में कार्यभार ग्रहण करने में विफल रहे तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू हो जाएगी, जिसमें वेतन रोकना, पदावनति या अन्य दंडात्मक कदम शामिल हो सकते हैं। यह मामला उत्तर प्रदेश के शहरी विकास विभाग में एक मिसाल कायम कर सकता है, जहां लंबे समय से स्थानांतरण के बाद भी ड्यूटी न जॉइन करने के मामले सामने आते रहे हैं।
मुरादाबाद और गोरखपुर के इंजीनियरिंग महकमे में सभी की निगाहें योगेश गुप्ता के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या वे शासन के निर्देशों का पालन करेंगे या फिर कोई नया विवाद खड़ा होगा? इस मामले पर विभागीय अपडेट्स का इंतजार है। सरकारी सेवा में अनुशासन और समयबद्धता के महत्व को रेखांकित करते हुए यह घटना सभी कर्मचारियों के लिए चेतावनी का काम करेगी।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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