योगी सरकार के मंत्री का अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना: श्रृंगवेरपुर धाम में 'मस्जिद' हटाने की मांग पर अड़े डॉ. संजय निषाद
निषादराज के किले पर अवैध कब्जे के विरोध में जीटी रोड हाईवे किया जाम; बोले—'जब तक कार्रवाई नहीं होगी, आंदोलन रहेगा जारी'

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की राजनीति में सोमवार को उस वक्त अजीब स्थिति पैदा हो गई, जब प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग के मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार निषाद अपनी ही सरकार के प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठ गए। मामला प्रयागराज स्थित मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के बाल सखा निषादराज गुहा की ऐतिहासिक नगरी श्रृंगवेरपुर धाम से जुड़ा है। मंत्री का आरोप है कि प्राचीन किले और धाम क्षेत्र में अवैध रूप से मस्जिद का निर्माण और अन्य कब्जे किए गए हैं, जिन्हें हटाना अनिवार्य है।
हाईवे पर बैठे मंत्री, सिस्टम पर उठाए सवाल
कल तक मंच पर भावुक होकर रोने वाले डॉ. संजय निषाद आज पूरे तेवर में नजर आए। वे अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ श्रृंगवेरपुर धाम के पास जीटी रोड नेशनल हाईवे पर धरने पर बैठ गए, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि श्रृंगवेरपुर धाम करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, लेकिन यहां भू-माफियाओं और अवैध निर्माण ने ऐतिहासिक स्थल की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इन अवैध कब्जों को तत्काल ध्वस्त कर क्षेत्र को संरक्षित किया जाए।
सियासत में चर्चा: अपनों के खिलाफ प्रदर्शन क्यों?
एक कैबिनेट मंत्री का इस तरह सड़क पर बैठना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब डॉ. निषाद खुद सरकार का हिस्सा हैं, तो वे अपनी बात कैबिनेट में रखने के बजाय धरने का रास्ता क्यों चुन रहे हैं? क्या यह अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की रणनीति है या वाकई सिस्टम से उनकी नाराजगी?
भारी पुलिस बल तैनात, नारेबाजी जारी
मंत्री के धरने की सूचना मिलते ही जिले के आला अधिकारी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है। निषाद पार्टी के कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी कर रहे हैं। डॉ. संजय निषाद ने दोटूक कहा है कि जब तक विवादित ढांचे और अवैध कब्जों पर बुलडोजर नहीं चलेगा, वे पीछे नहीं हटेंगे। बता दें कि श्रृंगवेरपुर धाम भगवान राम और निषादराज की मित्रता का प्रतीक माना जाता है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
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