Cotton Picking Machine से बदलेगी कपास की खेती केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान की नई मशीन से कम लागत में बढ़ेगी किसानों की आमदनी
खेती किसानी में आज तकनीक तेजी से बदलाव ला रही है और इसी बदलाव ने किसानों के काम को पहले से कहीं आसान बना दिया है। अब कपास की खेती करने वाले किसानों के लिए भी बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान ने एक नई कॉटन पिकिंग मशीन तैयार की है जो कपास की तुड़ाई को तेज और आसान बना सकती है।
अब आसान होगी कपास की तुड़ाई
अब तक किसान कपास की तुड़ाई हाथों से करते आए हैं। यह काम मेहनत भरा और समय लेने वाला होता है। कई बार मजदूरों की कमी के कारण फसल समय पर नहीं उठ पाती और नुकसान उठाना पड़ता है। नई कॉटन पिकिंग मशीन के आने से यह परेशानी काफी हद तक दूर हो सकती है।
इस मशीन को खास तौर पर भारतीय खेतों की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। मशीन खेत में चलते ही कपास को पौधों से अलग कर सीधे अपने टैंक में जमा कर लेती है। इससे अलग से इकट्ठा करने की जरूरत नहीं रहती और समय की बड़ी बचत होती है।
मंत्री ने खेत में किया सजीव प्रदर्शन
इस नई मशीन का प्रदर्शन खुद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कपास के खेत में जाकर किया। उन्होंने मशीन को चलाकर देखा और बताया कि पारंपरिक तरीके से तुड़ाई में बहुत अधिक श्रम और समय लगता है। नई तकनीक इस पूरी प्रक्रिया को सरल बना देती है।
ये भी पढ़ें Kheera Farming: फरवरी में करें अगेती खीरे की खेती 50 दिन में तुड़ाई और बाजार में मिलेगा ऊंचा दाममंत्री ने कहा कि मशीन की मदद से कपास तेजी से और साफ तरीके से अलग होती है जिससे फसल की गुणवत्ता भी बनी रहती है। इससे किसानों को बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
मजदूरों पर निर्भरता होगी कम
कपास की खेती में सबसे बड़ी चुनौती मजदूरों की कमी और बढ़ती मजदूरी है। किसानों को कई बार अधिक लागत उठानी पड़ती है जिससे मुनाफा कम हो जाता है। नई कॉटन पिकिंग मशीन इस समस्या का समाधान बन सकती है
मशीन के उपयोग से श्रम लागत कम होगी और कम समय में ज्यादा काम हो सकेगा। इससे किसान समय पर फसल तैयार कर बाजार तक पहुंचा सकेंगे।
किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस मशीन का व्यापक स्तर पर उपयोग किया गया तो कपास उत्पादन में नई क्रांति आ सकती है। कम मेहनत में ज्यादा उत्पादन संभव होगा और फसल की गुणवत्ता भी बेहतर बनी रहेगी।
यह मशीन खासकर छोटे और मध्यम किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। कम लागत और ज्यादा उत्पादन के कारण उनकी आमदनी बढ़ेगी और खेती का काम पहले से ज्यादा लाभकारी बनेगा।
नई तकनीक के साथ भारतीय खेती का भविष्य और मजबूत होता दिख रहा है। अगर किसान समय रहते इन आधुनिक यंत्रों को अपनाते हैं तो उनकी मेहनत का सही फल उन्हें जरूर मिलेगा
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